

नई दिल्ली : नार्थ दिल्ली स्पेशल स्टाफ ने ड्र्ग्स माफियाओं पर चौतरफा कार्यवाही के दौरान एक ऐसे ड्रग्स सप्लाई करने वाले रैकेट का खुलासा किया है जिनकी जड़ें नक्सलवादी संगठन से जाकर मिलती हैं ।
इसी स्पेशल स्टाफ ने इस वर्ष 17 अक्टूबर दक्षिणी भारत से राजधानी दिल्ली में एम्बुलेंस में ड्र्ग्स सप्लाई करने वाले गैंग को गिरफ्तार किया था । इस पुलिस कार्यवाही में विशाखापट्टम से गांजे की तस्करी करने वाले सरगना शोले राम को उसके 2 कैरियर और दिल्ली में एजेंट रमेश अन्ना को मोरी गेट की मद्रासी कालोनी से गिरफ्तार किया था ।
इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस लगातर इस गैंग के बारे में खुफिया जानकारियां जुटाती रही । इसके बाद पुलिस की टीम जो जानकारी मिली थी उसी के आधार पर विशाखापट्टम से सदूर चिंतापल्ली, आन्ध्र प्रदेश में मामिडी पल्लम मण्डल ग्राम के लिए रवाना हो गई । यह नक्सलवादियों की सरजमी कहलाई जाती है । इस इलाके की हकीकत यह है कि राज्य पुलिस भी यहाँ एक्शन लेने से घबराती है इसलिए यहां CRPF की दो कंपनियां तैनात रहती हैं ।
नार्थ दिल्ली की स्पेशल स्टाफ की टीम ने अपनी खुफिया तंत्रों से जो जानकारियां जुटाई थी उसके आधार पर टीम मामीडी पल्लम मण्डल में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त रूप से अर्जुन के यहां छापामारी करने पहुंची, मगर पुलिस के आने से पहले अर्जुन घर से फरार हो गया । टीम दूसरे ड्रग्स माफिया शेट्ठी सूर्या के घर आंध्रा प्रदेश के तुरसंगी में पहुंची तो वह भी घर से फरार पाया गया किन्तु पुलिस को घर पर उसकी 3 बीवियां मिली । उनसे पूछताछ से कुछ हासिल नही हो पाया ।
इस प्रदेश में गांजे की उपज की जाती है । सारे प्रदेश में नक्सलियों की हुकूमत चलती है । सारे ड्र्ग्स की बिक्री का पैसा इन नक्सली संगठनों तक पहुँचगता है । इसी पैसे से ये नक्सलवादी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते हैं ।
इस कार्यवाही के बाद पुलिस को मुखबरी मिली, एक ओर गैंग है जो उड़ीसा के चिन्तापल्ली से 100 किलोमीटर मलकानगिरी इलाके से रायपुर, छत्तीसगढ़ दुर्ग में गांजा भेजता है और मलकान गिरी से बहुत बड़ी खेप दिल्ली एनसीआर के लिए भेजा जा रही है।
इस सूचना के मिलने के बाद नार्थ डिस्ट्रक्ट के डीसीपी अन्टो अल्फोंसे ने स्पेशल स्टाफ ऑपरेशन देख रहे ACP हरपाल सिंह, इंस्पेक्टर सुनील कुमार शर्मा को इस सूचना पर काम करने के निर्देश दे दिए । सब इंस्पेक्टर चैतन्य और स्पेशल स्टाफ के हवलदार दीपक त्यागी ने पता लगाया कि दिल्ली NCR में गांजा सप्लाई के कारोबार में कौन कौन लोग जुड़े हैं । दीपक त्यागी को तहकीकात के दौरान मुखबिर से जानकारी मिली कि उत्तर प्रदेश के खतौली का एक बड़ा ड्रग्स माफिया सचिन चौहान है जो रतनपुरी गांव में रहता है इसने शैवर्ले कार में गांजे की खेप दिल्ली भेजी है जिसे दो शख्स लेकर आ रहे हैं ।
पुलिस ने नार्थ दिल्ली के मजनूं के टीले पर नकाबन्दी करके दोपहर के वक्त कार को पीछा करके पकड़ लिया । कार मे 51 किलो गांजा बरामद हुआ । इसके साथ हरबीर, और रवि ठाकुर औऱ ड्राइवर हैदर सहित तीन लोग पकड़ लिए गए ।

पुलिस की पूछताछ से पता चला कि यह दोनों खतौली के ड्रग माफिया सचिन चौहान के लिए काम करते हैं और सचिन की ड्रग्स को दिल्ली में सप्लाई करते हैं । पुलिस ने दोनों के दिये ब्यान और निशानदेही पर सचिन चौहान को खतौली से धर दबोचा, सचिन इस नशे के काले धंधे को तकरीबन 2.5 साल से कर रहा है । यह एक बार लूट के अपराध में सजा काट चुका है ।
सचिन चौहान के बताने पर एक ओर नए नशे के तस्कर का नाम सामने आया । जिसका नाम सोनू चतुर्वेदी बताया गया। यह मल्कागिरी से रायपुर दुर्गे गांजा भेजा करता था । दुर्ग से खतौली उत्तर प्रदेश सचिन के पास गांजे की खेप भेजा करता था ।
नार्थ की स्पेशल स्टाफ पुलिस ने सोनू को अपने जाल में फंसाने के लिए सचिन का सहारा लिया । सोनू को रायपुर से गांजे के लेनदेन के बहाने बुला कर पकड़ लिया गया । पुलिस को जांच से पता चला कि सोनू चतुर्वेदी भी मुजफ्फर नगर में लूट के जुर्म में सजा काट चुका है ।

इस तरह दिल्ली के उत्तरी जिला स्पेशल स्टाफ ने 5 नशे के काले कारोबार करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है ।



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