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क्राइम ब्रांच के नाम का फर्जीवाड़ा चलाने वाले डॉलर गैंग के दो ठग गिरफ्तार 

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स्पेशल स्टाफ के साथ गिरफ्तार बीच में इमरान और यूनुस

नई दिल्ली : दिल्ली में आजकल पुलिस की आड़ में लोगों के साथ फ़र्ज़ीवाडे का खेल खेला जा रहा है। कुछ दिन पहले सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट के देश बंधू गुप्ता रोड़ पुलिस ने फ़र्ज़ी क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर ठगने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किये हैं। एक इसी प्रकार के एक और फ़र्ज़ी गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गैंग भी  क्राइम ब्रांच का नाम लेकर लोगों को अमेरिकन डॉलर की आड़ में अख़बारी कागज की गड्डी बना कर लाखों रूपये ठग लिया करते थे। 


सेन्ट्रल दिल्ली के स्पेशल स्टाफ की टीम ने दो ठगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम हैं इमरान और यूनुस है, इनके तार बंगाल और बंगलादेश से जुड़े हुए हैं। इनके गैंग में कई लोग हैं जो दिल्ली में डॉलर ठगी का धंधा कर रहे हैं। इस गैंग ने 15 दिन पहले उत्तर प्रदेश, नोएडा में  ठगी के शिकार एक ड्राइवर रविंदर डागर और उसके साथी को 20 $अमेरीकन डालर सस्ते में देने का लालच देकर 5 लाख रूपये ठग लिए थे। 
 
सेन्ट्रल दिल्ली के आई पी एस्टेट पुलिस स्टेशन में रविंदर डागर नाम के ड्राइवर ने शिकायत दर्ज करवाई। उसने पुलिस को बताया की 1 दिसंबर को बिलाल और सुहेल नाम के दो लोगों ने 20 $ अमेरिकन डॉलर 500 रुपए में बेचा था। और इसी रेट पर और भी डॉलर बेचने की बात तय करके उनको पाँच लाख रूपये के डालर बेच दिए। मगर जब पैकेट खोल कर देखा तो अख़बारी कागज की गड्डी के ऊपर और नीचे डॉलर लगे हुए थे। 
शिकायत दर्ज होने के बाद ठगी का यह मामला सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ को सौंपा गया। सेन्ट्रल स्टाफ ऑपरेशन सेल के एसीपी ओम प्रकाश लेखवाल ने डॉलर की आड़ में ठगी करने वाले इस गैंग का खुलासा करने के लिए स्टाफ के इंस्पेक्टर ललित कुमार को इसकी जिम्मेदारी सौंपी । सब इंस्पेक्टर मनोज, सब इंपेक्टर प्रदीप एएसआई योगेंदर, बलजीत, हैडकांस्टेबल राकेश, सिपाही अमित, महिंदर, तरुण, संदीप, अनिल की टीम बना कर दिल्ली के अलग अलग स्टेशनों, बस अड्डों पर निगरानी के लिए तैनात किया गया। 
 
इंस्पेक्टर ललित ने इस गैंग को गिरफ्तार करने के लिए स्टाफ की टीम को गठित किया गया। स्टाफ की टीम ने बस अड्डों और रेलवे स्टेशन के आस पास शिकायतकर्ता को साथ लेकर निगरानी रखनी शुरू कर दी। कल शाम पुलिस शिकायतकर्ता को साथ लेकर दिल्ली के सराय काले खां बस अड्डे पर निगरानी करने पहुंची। पुलिस की किस्मत अच्छी थी वहाँ शिकायतकर्ता को इमरान और यूनुस दिखाई दे गए। स्टाफ की टीम ने बस अड्डे से दोनों को पकड़ लिया गया। 
इमरान और यूनुस 
पकड़े गए इमरान और यूनुस ने खुलासा किया की उसका परिवार पिछले दस साल से नार्थ ईस्ट दिल्ली के कबीर नगर इलाके में रहता है। उसकी मुलाकात अकरम से हुई जो अमेरिकन डालर सस्ते में बेचने का लालच देकर ठगता था। यह ठग अख़बार की रद्दी साबुन की बट्टी को रखकर ऊपर और नीचे डालर लगाकर डालर की गड्डी बना देते थे। उसे डालर की गड्डी बताकर धोखाधड़ी करके पैसा ऐंठ लेते थे। इस गैंग में काम कर रहे बिलाल और सोहेल लोगों को फंसाते थे।
 
आरोपियों ने खुलासा करते हुए बताया की इस गैंग के लोग मोबाइल की सिम बंगाल से मंगाते थे। जब इनका कोई जानकार बंगाल से दिल्ली आता था उनसे सिम मंगा लेते थे। यह लोगों से सस्ते में मोबाइल खरीदकर उससे एक बार बात करके सिम और मोबाइल फ़ोन को तोड़ देते थे। इस गैंग के सदस्य अपनी पहचान छुपाने के लिए बात करने के लिए IMO कॉल का उपयोग किया करते थे। 
 
गैंग में काम कर रहे बिलाल और सोहेल लोगों को फंसा कर बताते थे की उन्हें डॉलर किसी कूड़े के ढेर में मिले हैं और 20 रूपये का अमेरिकी डालर 500 रूपये में  बेच दे देंगे । ट्रायल के तौर पर 20 रूपये का एक असली अमेरिकी डालर 500 रूपये दे देते थे। खरीदने वाला जब उस डॉलर को बाजार में बेचता था तो उसे कमीशन काटकर रकम मिल जाती थी। इस फायदे के लालच में आकर उससे लाखों के डॉलर खरीद का सौदा तय कर लेते थे । जब डॉलर की डिलीवरी देने के लिए जाते थे तो अख़बार के कागज पर ऊपर और नीचे असली डॉलर लगा कर उसे डालर की गड्डियों के रूप में बना देते थे। इस फर्ज़ीवाड़े के जाल में फंसकर जब खरीदार रकम लेकर डॉलर लेने आता था और उसी वक्त योजना के अनुसार वहां गैंग के दूसरे लोग फ़र्ज़ी क्राइम ब्रांच के लोग बनकर छापामार देते थे। उस वक्त यह खरीदार से रुपया लेकर उसे अख़बार की रद्दी से बनी डॉलर की गड्डी थमा कर क्राइम ब्रांच का डर दिखा कर भगा देते थे। इस तरह शिकायतकर्ता रविंदर के साथ भी किया गया। रविंदर ने भी पांच लाख रूपये में डॉलर का सौदा तय किया था। इन लोगों ने पाँच लाख रूपये लेकर क्राइम की फ़र्ज़ी छापामारी करवा कर रविंदर को भगा दिया। आगे आकर पैकेट को खोला तो उसमें एक एक नीचे और ऊपर असली डॉलर लगाए हुए थे और बीच में अख़बार की रद्दी के कागज लगे थे।
बरामद 1.70 लाख रूपये, अमेरिकन डॉलर, नकली अख़बारों की गड्डी 
स्पेशल स्टाफ द्वारा पकड़े गए इमरान और यूनुस क्राइम ब्रांच के पुलिस कर्मी बनते थे। इनके पास से पुलिस ने 1.70 लाख रूपये कुछ अमेरिकन डॉलर के साथ नकली अख़बारों की गड्डी बरामद किये हैं। 
 

 

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