

सेन्ट्रल दिल्ली कमला मार्किट थाना पुलिस की गिरफ्त में दक्षिण भारतीय लुटेरे
नई दिल्ली : दिल्ली में हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार के बदमाशों के अपराध अक्सर सामने आते रहते हैं मगर अब राजधानी दिल्ली में दक्षिण भारतीय अपराधियों का गैंग भी सक्रिय हो गया है । इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब सेंट्रल दिल्ली में एक लूट की वारदात करने वाले तीन बदमाशों को सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ और कमला मार्किट थाने की टीम ने गिरफ्तार किया । इस दक्षिण भारतीय गैंग का अपराध करने का नया फार्मूला सामने आया है । ये बदमाश सड़क पर तैल फैला कर लूटपाट और चोरियां करते थे ।
12 जुलाई को कमला मार्किट के रामलीला मैदान के पास दिनदहाड़े गन पॉइंट पर मेडिकल एजेंसी के अकाउंटेंट से 21 लाख रुपये लूटकर बदमाश फरार हो गए ।राम मोहन, चांदनी चौक, भगीरथ पैलेस में मेडिकल ब्यूरो एजेंसी में अकाउंट का काम करते हैं । 12 जुलाई को करोल बाग से कैश रकम लेकर अपनी एजेंसी जाने के लिए ऑटो में बैठ गए । ऑटो रामलीला मैदान के पास जैसे ही गधा चौक पहुंचा वहां बस खड़ी होने की वजह से ऑटो रुक गया । उसी वक्त दो लड़के हेलमेट पहने बाइक पर आए और गन तान कर बैग छीन कर बाइक पर फरार हो गए ।
पीड़ित ने लूट की सूचना पुलिस को दी, मामला दिन दहाड़े सनसनीखेज लूट का था और लूट भी थाने से कुछ ही मीटर दूरी पर हुई थी, इसलिए पुलिस अधिकारियों ने वारदात को गम्भीरता से लिया । जिला उपायुक्त मनदीप सिंह रंधावा और अतिरिक्त उपायुक्त अमित शर्मा ने दो एसीपी जिसमें ऑपरेशन एसीपी नरेश यादव और कमला मार्किट एसीपी अमित कौशिक के साथ दो इंस्पेक्टर जिसमें कमला मार्किट थाना इंचार्ज सुनील कुमार और स्पेशल स्टाफ इंपेक्टर ललित कुमार को इस लूट की गुत्थी सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी ।

लूट की वारदात का पर्दाफाश करने वाले सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट दिल्ली पुलिस के अधिकारी
इस टीम ने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल की । आसपास के इलाके के 70 कैमरों की फुटेज खंगाली गई । उसमें काले रंग की FZS YAMAHA मॉडल पर फोकस किया गया। इस मॉडल की 14 बाइक एजेंसियों से क़रीबन 200 मोटर साइकिलों की डिटेल निकाली गई । सीसीटीवी में इस मॉडल और रंग की बाइक को देखा गया था इसमें नंबर प्लेट नहीं थी । सीसीटीवी में ग्रे कलर की स्कूटी भी दिखी जिसका बीच का नम्बर SV ओर आखिर का नम्बर 41 था। ग्रे रंग की तथा बीच के SV और आखिरी 41 नंबर वाली 31 स्कूटियों की जॉच की गई ।
खास बात जानने की यह है कि पुलिस इस मॉडल की बाइक ओर स्कूटी की क्यों तालाश कर रही थी ? दरअसल पुलिस ने करोल बाग से लेकर वारदात वाली जगह के 70 सीसीटीवी फुटेज की जांच की, अधिकांश फुटेज में राम मोहन के ऑटो के पीछे काले रंग की FZS YAMAAHA और ग्रे कलर की स्कूटी पीछा करती दिखाई दी ।
पुलिस ने इसी पर अपनी तफ्तीश जारी रखी, पुलिस को एक सीसीटीवी कैमरे में ग्रे स्कूटी सवार फोन पर बात करता दिखाई दिया। इस पॉइंट को ध्यान में रखकर पुलिस ने वारदात वाली जगह के दायरे में लूट के वक्त हुई सारी फोन कॉल्स का डम्प डाटा अपने कब्जे में ले लिया।


यह दक्षिण भारत के बदमाश सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक सड़कों पर अपने वाहनों से घूमते रहते थे । यह लोग उन लोगों पर नज़र रखते थे जो अपने सामान और बैग को बार सुरक्षित रखने का प्रयास करते रहते हैं । यह बदमाश इतने शातिर हैं की तुरंत अंदाजा लगा लेते थे कि बैग को बार बार देखने वाले और संभाल कर पकड़ने वाला बैग में मोटी रकम लेकर जा रहा है । फिर क्या यह अपने शिकार का पीछा करके वारदत को अंजाम दे देते थे ।

पुलिस को इनके पास से लूट की 15 लाख 50000 रकम के साथ एक कट्टा, 2 कारतूस, 20 घड़ियां ऒर तकरीबन 5 लाख के गहने बरामद हुए हैं । पुलिस ने प्रिंस विनोद के पास से अन्य मामले के लूटे हुए 40000 रुपये बरामद किए हैं । अभी इनके फरार अन्य साथियों की तलाश में पुलिस लगी हुई है।
इस प्रकार लूट की इस वारदात का पर्दाफाश करने में पुलिस ने अपने प्रोफेशनल तरीकों का इस्तेमाल किया।
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