
नई दिल्ली : अक्सर पुलिस के खिलाफ दलीलें दी जाती हैं कि कार्यवाही के दौरान पुलिस हिंसा करती है । पुलिस को सयंम तथा दिमागी तासीर को ठंडा रखने का पहाड़ा घोट घोट कर पढ़ाया जाता है। मगर उस समय परिस्थितियों में तब्दीली काल, पात्र के अनुसार होती है । उस वक्त की पल पल बदलती स्तिथि का अहसास वहां मौजूद क़ानून व्यवस्था बहाल करने वाले बड़े अधिकारी से लेकर छोटे मुलाजिम को होता है । एक तरफ अमन को बरकरार रखने वाले जिनको केवल आदेश का पालन करना है । दूसरी तरफ प्रतिबंधित निर्देशो की उपेक्षा कर कानून व्यवस्था का दमन करने वाले जो पुलिस से अपने लिए सहानभूति की अपेक्षा करते हैं और दूसरी तरफ पुलिस की उपेक्षा करते हैं । इनकी उन्मादी हरकत को रोकने वाली पुलिस का हर रवैय्या उन्हें यातनापूर्ण लगता है । उनकी उन्मादी सोच की गाज भारत की पुलिस के अलावा विदेशी पुलिस पर भी गिरते देखी जा सकती है । अपने काम को शतप्रतिशत अंजाम देने वाले बेगुनाह पुलिसकर्मियों को गुनाह के कटघरे में खड़े होता अक्सर देखा जा सकता है । कुछ का दमन से सिर झुका दिया जाता है तथा कुछ इसका माकूल जवाब देते हैं । अमेरिका की पुलिस ने भी अब भारतीय पुलिस की अदाय सीख ली हैं । अमेरिका पुलिस के उच्च अधिकारियों ने अब पल्ला झाड परम्परा की नींव रख दी है ।
इसका एक उदहारण अमेरिका में दिखाई दिया ।
अमेरिका में जॉर्ज फलायर्ड की मौत के खिलाफ प्रदर्शन कर रही भीड़ पुलिस से बेकाबू हो गई । भीड़ को धकेलने के दौरान एक बुजुर्ग जमीन पर गिर पड़ा । गिरने वाले बुजुर्ग मार्टिन गुगिनो की उम्र 75 साल की है । इस प्रकरण में दो अधिकारियों को बुजुर्ग व्यक्ति को जमीन पर धकेलने के लिए निलंबित कर दिया गया । हालांकि भीड़ की धक्का मुक्की में यह हादसा हुआ , पुलिस की कोई मंशा इस अधेड़ व्यक्ति को चोट पहुंचाने की नही थी । यह अपने अधिकारियों के आदेश को पालन कर रहे थे ।
इस घटना की किसकी बड़े पुलिस अधिकारी ने जिम्मेदारी अपने ऊपर न लेकर 2 निचले स्तर के अधिकारियों को बलि का बकरा बना डाला ।
इस यूनिट के दो सदस्यों को निलंबित करने के बाद बफ़ेलो पुलिस विभाग ने इस कार्यवाही को अनुचित करार दिया और निलंबित पुलिस अधिकारियों के समर्थन में पूरी 57 सदस्यों ने जो इमरजेंसी मौके पर काम करने वाली है पूरी पुलिस टीम ने इस्तीफा दे दिया था । इस्तीफे की पुष्टि पुलिस यूनियन और दो कानून प्रवर्तन द्वारा की गई,कर्फ्यू के दौरान दंगा नियन्त्रण करते वक्त का वीडियो सामने आने के बाद बाद गुरुवार को बिना इनको वेतन के निलंबित कर दिया गया ।बफ़ेलो पुलिस बेनेवोलेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष जॉन इवांस ने कहा कि अधिकारी “बस अपना काम कर रहे थे” और आदमी बातचीत के दौरान फिसल गया था ।

वीडियो फुटेज में आया इन अधिकारियों के धकेलने से पहले वह बुज़ुर्ग गिरा और उसका सिर फुटपाथ पर जाकर लगा । इनके समर्थन में उतरी पुलिस यूनियन के सदस्यों ने कहा कि “ये अधिकारी डिप्टी पुलिस कमिश्नर जोसेफ ग्रामाग्लिया के आदेशों का पालन कर रहे थे तथा बस अपना काम कर रहे थे”। इस प्रकार सारी यूनिट ने अपने निलंबित अधिकारियों को साथ दिया । एरी काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी इस घटना की जांच में लगा लेकिन अभी तक कोई आरोप नहीं सिद्ध कर पाया है। पुलिस संघ दोनों अधिकारियों की हर सम्भव मदद और कानूनी खर्च के भुगतान की भी घोषणा कर दी ।
अभी इन दोनों निलंबित अधिकारियों की वापिसी नही हुई है । मगर इस प्रकरण से यह बात सामने आई है कि अधिकारी भारत के हों या अमेरिका के तस्दीक किये बिना निचलेक्रम की बली ले लेना तथ्यपरकता की सबसे बड़ी कमजोरी है ।



Comments