
दिल्ली : इंसान में जानवर से भिन्नता क्यों हैं ? ईश्वर ने इंसान को अच्छे बुरे की परख करें की शक्ति दी हैं इसलिए मनुष्य कहलाता है मगर जानवर में ये परख करने की बुद्धि नहीं होती इसलिए जानवर कहा जाता है। एक ऐसा आदमी जिसमें इंसानी भावनाये मर चुकी हो अच्छे बुरे का ज्ञान न हो वह भी जानवर के समान है।
हम बात कर रहे मोहम्मद मोहसिन कुरैशी की इस बेरहम हत्यारे को सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट थाना दरियागंज SHO राकेश शर्मा ने 9 महीने की कड़ी मशक्क्त के बाद ढूंढ निकाला है।
6 अक्टूबर 2019 को सेन्ट्रल दिल्ली के राजघाट के पास एक लाश मिली थी जिसकी हत्या कर दी गई थी। जांच से पता चला मरने वाला मोहम्मद नबी था जो उत्तर प्रदेश के बागपत रहते था।
पुलिस ने इस हत्या के राज जो खोलने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। आरोपी मोहसिन कुरेशी को पुलिस ने उतर प्रदेश के खतौली से गिरफ्तार किया। जांच के दौरान मोहसिन ने पुलिस को बताया की “उसने अपने जीजा मोहमंद नबी की हत्या क्यों की” ! मोहसिन हत्यारा होने के साथ साथ अपहरणकर्ता भी हैं, इसने सबसे पहले मेरठ में एक बच्चे को अगवा कर फिरौती मांगी और बाद में उस बच्चे का मर्डर कर दिया। दूसरी हत्या अपनी पत्नी की कर डाली ! यह हत्या इसने भोपाल में की थी। हत्या के जुर्म में यह हत्यारा जेल चला गया। मोहम्मद नबी मोहसिन के जेल जाने के बाद उत्तर पूर्वी जिले के उस्मानपुर में रहने लगा उसके घर आने जाने लगा, उसने मोहसिन की बहन से निकाह कर लिया। मोहसिन को यह बात जेल मालूम हुई वह इस रिश्ते को पसंद नहीं करता था।
पिछले साल फरवरी 2019 में मोहसिन के भाई की मौत हो गई, यह अपने भाई की मौत पर 7 दिन की पैरोल पर आया और पेरोल जम्प क़र गया। इसने अपने साथी के साथ 6 अक्टूबर 2019 को अपने जीजा मोहम्मद नबी की हत्या कर उसकी लाश राजघाट के इलाके में डाल दी। हत्या के बाद यह श्रीनगर जाकर छुप गया। इसके बाद धारा 370 हटने के बाद वहाँ पुलिस और सेना की सख्ती के डर से हैदराबाद जाकर रहने लगा।
दरियागंज एसीपी वीर सिंह थाना;इंचार्ज राकेश शर्मा ने थाने की टीम को इस खूंखार हत्यारे को पकड़ने के लिए पुलिस के प्रेक्टिकल से लेकर टैक्निकल सिद्धांत के माध्यम से इस अपराधी को पकड़ने में इस्तेमाल किये गए। लगातार टैक्निकल सर्वलांस से इसके सभी ख़ास लोगों पर नज़र रखी जाती रही। पुलिस की मेहनत रंग लाई परिणाम स्वरूप यह दुर्दांत हत्यारा खतौली से पकड़ा गया। पुलिस ने ट्रिपल मर्डर के गुनाहगार को अब जेल की सलाखों के पीछे दोबारा पहुंचा दिया हैं।


