
नई दिल्ली : कोरोना के बुरे असर ने अब लोगों के आर्थिक हालातों को झंझोड़ डाला है जिसके चलते लोग अपराध करने के लिए मजबूर हो रहे हैं ।
उतरी डिस्ट्रक्ट मौरिस नगर थाना पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो अपनी फोटोस्टेट की दुकान पर भारतीय मुद्रा की छपाई कर रहा था । पुलिस ने इसके पास से EPSON कम्पनी का कलर प्रिंटर पकड़ा है जिससे यह 100 तथा 200 के नकली नोट छापता था ।

इसका नाम सुरेंद्र कुमार ( 44 ) है, चन्द्रावल, रूपनगर का रहने वाला है । कोरोना के कारण इसकी फोटोस्टेट की दुकान पर काम कम हो जाने से आर्थिक दिक्कते आनी शुरू हो गई थी । सुरेंदर ने कलर प्रिंटर पर 100 तथा 200 के नोटों को स्कैन करके साधारण A-4 साइज के पेपर पर निकलना शुरू कर दिया ।

इस फ़र्ज़ीवाड़े का भेद एक आइसक्रीम वाले द्वारा खोला गया । दिल्ली विश्वविद्यालय हंसराज कालेज के गेट पर पांडव कुमार आइसक्रीम की रेहड़ी लगाता है । गुरुवार को सुरेंदर रात को उसके पास नकली 100 का नोट लेकर गया और उससे 50 रुपये की आइसक्रीम ली और 50 रुपये वापिस लेकर चला गया । आइसक्रीम विक्रेता ने नोट गिनते वक्त 100 रुपये का नकली नोट देखा तो उसने उसे अलग निकाल कर रख लिया ।

पांडव कुमार ने थाना मौरिस नगर SHO राजीव शाह को फ़र्ज़ी नोट की जानकारी दी । SHO राजीव शाह ने सब इंस्पेक्टर योंगेंद्र, और वहीं की बीट में तैनात हवलदार राधेश्याम व सिपाही को उसी आइसक्रीम की रेहड़ी वाले के आसपास रहने के निर्देश दिए ।

सुरेंदर की बदकिस्मती थी कि वह अगले दिन फिर नकली नोट लेकर आइसक्रीम वाले पांडव कुमार के पास पहुंचा । उसने आइसक्रीम के लिए उसे 100 रुपये का नकली नोट दिया । पांडव कुमार ने पुलिस को इशारा कर दिया और सुरेंदर को नकली नोटों के साथ वहीं धर दबोचा । उसके पास से पुलिस को 1600 रुपये के नकली नोट मिले हैं । भारतीय करंसी के फ़र्ज़ीवाड़े का गंभीर मामला है इसलिए पुलिस ने आगे की जांच के लिए कोर्ट से सुरेंद्र का एक दिन का पुलिस रिवाइंड लिया है ।



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