
नई दिल्ली : दक्षिणी जिला दिल्ली पुलिस की मशक्कत भरी जांच के परिणाम स्वरूप दो नाबालिग लड़कियों को फिर से उनके मां बाप के पास सुरक्षित पहुंचा दिया I
15 सितम्बर 20 को थाना नेब सराय पुलिस को शिकायत मिली दो लड़कियां जिनकी उम्र क्रमश 16 और 17 वर्ष है घर से लापता हैं । शिकायतकर्ता ने अपने पडौसी अनिल (24) पर अपनी बेटियों के अपहरण की आशंका जाहिर की ।
दो बहनों के अपहरण के मामले कि गम्भीता को देखते हुए आला अधिकारियों ने इस मामले को खुद संज्ञान में लेते हुये एसीपी संगम विहार और थाना इंचार्ज नेब सराय ATO अनिल कुमार, सब इंस्पेक्टर राजकुमार, हवलदार जय कुमार, हवलदार जोगेन्दर, सिपाही हरीश और महिला कांस्टेबल प्रियंका को इस केस की जांच में लगाया गया ।
एरिया के सारे सीसीटीवी कैमरे चैक किये गए । लड़कियों के मोबाइल नंबर की CDR से पता चला कि थैयात गांव जैसलमेंर राजस्थान से सम्पर्क सामने आया । पुलिस की पता चला कि अनिल जो शिकायतकर्ता का पड़ोसी है उसका सम्बन्ध भी राजस्थान से सामने आया । यह सभी मोबाइल नम्बर बंद कर दिए गए थे ।
IMEI नंबर पर कोई नया सिम भी नही चल रहा था । पुलिस ने अनिल के करीबी दोस्त को पकड़ा जिसके इंस्टाग्राम पर अनिल ने मैसेज भेजे हुए थे । पुलिस को लगने लगा कि वह अब आरोपी तक पहुंच सकती है, इसके लिए DCC की मदद ली गई । इंस्टाग्राम कम्पनी से IP पता लिया प्राप्त किया गया, यह पता जैसलमेर के पास किसी गाँव का था ।
पुलिसी टीम को तुरंत जैसलमेर रवाना कर दिया गया । वहाँ थैयात गाँव पर छापामार कर दोनों लड़कियों को बरामद कर लिया गया । इस सारे मामले के दोनों आरोपो अनिल और तेजा राम को दोनों नाबालिग लड़कियों के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया ।

दक्षिणी दिल्ली डीसीपी अतुल ठाकुर का कहना है इस अपहरण के मामले में पुलिस की जांच काबिले तारीफ कही जा सकती है क्योंकि पुलिस को जब मोबाइल सरवालान्स से मदद नही मिली तो पुलिस ने सोशल मीडिया पर अपनी जांच की सूईं घुमाई । सोशल मीडिया पर आरोपियों के msg को ट्रेस कर लिया गया ।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन दोनों नाबालिग लड़कियों के अपहरण के पीछे महिला तस्करी का मकसद तो नही था।



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