

सेन्ट्रल डिस्ट्रिक : दिल्ली के सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ ने दो ऐसे शातिर स्नैचर्स को गिरफ्तार किया है जिन्होंने पुलिस की नाक में दम कर रखा था। डिस्ट्रिक्ट में पिछले कई दिनों से वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग की वारदाते बढ़ रही थी। डीसीपी सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट संजय भाटिया ने ऑपरेशन सेल ACP ओम प्रकाश लेखवाल और स्पेशल स्टाफ इंचार्च ललित कुमार को इन अपराधियों को पकड़ने के लिए निर्देश दिए गये। ऑपरेशन सेल के अधिकारीयों ने सब इंस्पेक्टर गजेंदर सिंह, सब इंस्पेक्टर देवी दयाल, एएसआई सतवीर सिंह, एएसआई नरेंदर सिंह, हवलदार राकेश, सिपाही पंकज, राकेश राणा, अनिल व तरुण की तीन टीमों अलग अलग इलाकों में इन वारदातों के अपराधियों को पकड़ने के लिए इलाकों को चिन्हित करके रवाना कर दिया गया।

पुलिस ने उन अस्पतालों और जगहों पर ख़ास नजर रखी जहाँ ज्यादा स्नैचिंग और वाहन चोरी होती थी. स्टाफ के लोग वहां सादी वर्दी तैनात रहते थे। 30 सितंबर बुधवार शाम के वक्त रंजीत सिंह मार्ग पर गुरुनानक अस्पताल के पास एक सफेद रंग की स्कूटी पर दो लड़के वहाँ बार बार चक्कर लगा रहे थे। वहाँ तैनात सादी वर्दी में स्टाफ के लोगों शक होने पर रेड लाइट चौराहे पर रोक लिया गया। जांच से पता चला यह स्कूटी सीलमपुर इलाके से चराई हुई थी। पुलिस ने जब गहन पूछताछ की तो पता चला की यह मोहम्मद कामरान और मोनिश नाम के दो शातिर स्नैचर हैं। जो उस वक्त वारदात को अंजाम देने के लिए अपने शिकार की तालाश में चक्कर लगा रहे थे।
पुलिस को इनके पास से एक स्कूटी तथा 3 मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं इसके साथ ही 6 स्नैचिंग के मोबाइल भी मिले हैं। यह स्नैचर अक्सर अस्पतालों के बाहर खड़ी बाइकों को चुराते थे। यह लोग मरीजों के साथ आये लोगों के अस्पताल के अंदर जाने के बाद देख आते थे की वह कहाँ तक गया है इसके बाद यह उसकी बाइक ले उड़ते थे। इसके बाद चोरी की हुई बाइक पर लोगों के मोबाइल छीनते थे। मोनिश और कामरान पहले भी लूट और स्नैचिंग के 9 आपराधिक मामलों में जेल जा चुकें
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