

नई दिल्ली :डीटीसी से बर्खास्त कर्मचारी दिल्ली पुलिस का अधिकारी बनकर जबरन वसूली के धंधे में गिरफ्तार किया गया । इसका नाम सुभाष चन्द्र है यह यूपी के लोनी गाजियाबाद का रहने वाला है । पुलिस की वर्दी का ख़ौफ़ दिखाकर भोले भाले लोगों से रकम ऐंठता था ।
23 जुलाई को शिकायतकर्ता रजत कुमार ने आईपी एस्टेट थाने में एक शिकायत दर्ज करवाई । जिसमें कहा गया है कि Zomato में फ़ूड सप्लाई करता है । वह पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर में भोजन देने के बाद वह अपनी बाइक पर डीडीयू मार्ग से लौट रहा था, जब वह आम आदमी पार्टी के कार्यालय डीडीयू मार्ग के पास पहुंचा तो एक ऑटो में पुलिस की वर्दी में बैठे एक व्यक्ति ने उन्हें रोक लिया और और लापरवाही से गाड़ी चलाने के लिए कानूनी कार्रवाई / चालान की धमकी दी और 8000 / – रूपए का जुर्माना मांगा। जब उन्होंने जुर्माना देने से इनकार कर दिया तो उन्होंने उसे अपने ऑटो में बैठने के लिए मजबूर किया और एटीएम से रकम निकालने के लिए कहा। उसने यह भी धमकी दी कि अगर जुर्माना अदा नहीं किया गया तो उसे एक मामले में फंसा दिया जाएगा। वह रजत को ऑटो में कनॉट प्लेस गया और पैसे निकालने के लिए उसे आईसीआईसीआई के एटीएम में भेजा। उस वक्त मौका पाकर वह एटीएम से भाग गया और वापस डीडीयू मार्ग पर पहुंच गया, जहां उसकी बाइक खड़ी थी। इस बीच नकली पुलिस बने आरोपी द्वारा उसका मोबाइल फोन ले लिया गया था ।
शिकायत मिलने के बाद इस इस फ़र्ज़ी पुलिस कर्मी को पकड़ने के लिए टीम बनाई गई । सीसीटीवी की जाँच की गई और मुखबिरों को सक्रिय किया गया, कई पुलिस थानों के रिकॉर्ड देखे गए जहां इसी तरह के मोडस ऑपरेंडी वाले अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं । कमला मार्किट ACP अनिल कुमार, SHO आई पी एस्टेट नेकी राम लाम्बा ने इस मामले को हल करने के लिए एसआई मोहित, हवलदार संजय कुमार, हवलदार बिट्टू तोमर और सिपाही रमेश कुमार को जांच सौंपी । 15 दिनों की मेहनत के बाद टीम ने छापा मारा और सुभाष चंदर @ मुकेश शिव वाटिका, कच्ची कॉलोनी, लोनी, गाजियाबाद, यू.पी. से गिरफ्तार कर लिया ।
सेंट्रल डीसीपी संजय भाटिया ने बताया अभियुक्त सुभाष चंदर @ मुकेश ने खुलासा किया कि वह दिल्ली परिवहन विभाग में काम करता था और 2005 में भ्रष्टाचार के आरोपों में बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्त होने के बाद परिवार को चलाने के लिए उसने लोगों को ठगने का धंधा शुरू किया । इसके लिए उसने दिल्ली पुलिस की वर्दी का सहारा लिया ।
पुलिस ने इसके जुर्म की फेहरिस्त निकाली तो इसपर दिल्ली के विभिन्न थानों में 7 मामले दर्ज पाये गए । पुलिस को आशंका है कि इस जालसाज के अन्य और भी साथी हैं जो पुलिस की वर्दी की आड़ में फर्जीवाड़ा करते हैं अतः पुलिस उनकी भी सरगर्मी से तलाश कर रही है ।
1. FIR No. 633/05 U/s 171/379/411 IPC P.S. Kashmere Gate
2. FIR No. 359/17 U/s 170/171/384/411 IPC P.S. I.P Estate
3. FIR No. 204/13 U/s 170/171/384 IPC P.S. Kashmere Gate
4. FIR कानूनी कार्रवाई / चालान No. 450/16 U/s 419/171 IPC & 25/54/59 A. Act P.S. K.M. Pur
5. FIR No. 126/2008 U/s 171/384/419/420 IPC P.S. New Usmanpur
6. FIR No. 34/2013 U/s 171 IPC P.S. Civil Line
7. FIR No. 51/2013 U/s 392/171 IPC P.S. Civil Line
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