
नई दिल्ली : Central Delhi : सेन्ट्रल दिल्ली की चांदनी महल थाना पुलिस ने तुर्कमान गेट इलाके में फायरिंग मामले में गिरफ्तार आरोपी आरिफ की गिरफ्तारी के बाद हथियार बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने में कामयाबी हासिल की है। आरिफ के पास से एक पिस्टल और 7 राउंड मिले थे जो उसने यमुनापार मंडोली मोनू नाम के व्यक्ति से खरीदे थे। फायरिंग के केस रजिस्ट्रेशन के बाद पुलिस की टीम हथियार सप्लाई करने वालों के पीछे लग गई । पुलिस ने कामयाबी हासिल करते हुए हथियार खरीद फरोख्त मामले में तीन युवकों को गिफ्तार किया है।

तुर्कमान गेट चौकी इंचार्ज पवन यादव, सब इंस्पेक्टर मोहित, एएसआई राकेश व बजरंग, हेडकांस्टेबल अनुज, सिपाहियों की टीम जिसमें मुकेश, नरेश, रूपलाल, इंद्राज, देवेंदर ऋषि, हरफूल, रणजीत, सुरेश की अलग अलग टीमों का थाना इंचार्ज चांदनी महल विनोद कुमार सिंह ने पांच टीमों का गठन किया।
पुलिस की टीम द्वारा सबसे पहले उत्तर पूर्वी दिल्ली के मंडोली इलाके में छापेमारी की गई, जहाँ से आरोपी मोनू गिरी को पकड़ा। उसके कब्जे से 3 लाइव राउंड के साथ एक पिस्तौल बरामद की गई। मोनू गिरी से जानकारी लेकर एक टीम को हरियाणा पलवल के लिए रवाना कर दिया गया। वहां होडल इलाके से हरदेव को पकड़ा गया और उसके कब्जे से 2 लाइव राउंड के साथ एक देसी कट्टा भी बरामद किया गया। मोनू और हरदेव की सूचना के आधार पर नार्थ ईस्ट दिल्ली के नन्द नगरी डीटीसी बस डिपो के पास से साहिल को गिरफ्तार किया उसके कब्जे से 2 लाइव राउंड वाला देसी कट्टा भी बरामद किया गया।

डीसीपी सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट संजय भाटिया ने बताया की तुर्कमान गेट 8 सितंबर को हुई फायरिंग के आरोपी आरिफ की गिरफ्तारी में मिली पिस्टल और जिन्दा कारतूस मिलने पर पुलिस को आरिफ से पता चला की कुछ लोगों का गैंग है जो इलाके में अपराध करने वालों को हथियार बेचता है। थाने की कई टीमें बनाकर इस काम को अंजाम तक पहुँचाने में लगा दी गई। टीम ने बेहतरीन काम किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक पिस्टल और 2 देसी कट्टे और 4 जिन्दा कारतूस बरामद किये गए हैं।

मोनू पछले 5 साल से अपराध में लिप्त है। वह पहले से ही चोरी डकैती और अवैध हथियार रखने के मामले में शामिल पाया गया है। यह पलवल से हथियार लाता था और दिल्ली में ऊँचे दामों पर बेचता था। एक बार हथियार का डेमो दिखाते वक्त गोली इसके पैर में लग गया थी। आरोपी हरदेव ने आईटीआई पास करने के बाद एस्कॉर्ट कम्पनी फरीदाबाद में लाइनमैन की नौकरी करता था। हरदेव होडल में एक ढाबे में एक व्यक्ति के संपर्क में आया जिसने उसे कमीशन के आधार पर हथियारों की सप्लाई करने का लालच दिया और उसे प्रत्येक डिलीवरी पर 2000 रुपये दिए गए इस तरह हरदेव हथियार बेचने वालों के लिए काम करने लगा । तीसरा आरोपी साहिल 6 साल पहले, अपनी माँ की मृत्यु के बाद, उनके पिता ने फिर से शादी की और नाराज होकर उन्होंने घर छोड़ दिया और मसूरी में रहने लगे। अपने दोस्त विशाल के माध्यम से मोनू के संपर्क में आया।
मोनू अपराधों और हथियार बेचने में पहले से लिप्त था। 8 सितंबर फायरिंग करने वाले आरिफ ने मोनू से ही हथियार खरीदा था। मोनू के ऊपर पहले भी तीन अपराध के मामले दर्ज है।


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