
नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को अपना दिल्ली पुलिस में पदभार संभाले तकरीबन एक माह से अधिक समय बीत चुका है. संजय अरोड़ा अभी दिल्ली पुलिस की कार्यशैली का आंकलन कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस में आगमन से पूर्व दक्षिण भारत के तमिलनाडु में अपनी सेवाओं का लंबा वक्त दिया है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि जब संजय अरोड़ा स्पेशल टास्क फोर्स में एस पी थे उस दौरान उनकी टीम ने वीरप्पन गैंग का खात्मा करने में महत्वपूर्ण सफलता पाई थी.
आज दिल्ली के क्राइम और क्रिमनल्स पर शिकंजा कसने की जरूरत है. इसी के चलते दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने कमला मार्किट स्थित क्राइम ब्रांच के महत्वपूर्ण विंग CRO (Crime Record Office) का निरक्षण किया. CRO पुलिस विभाग की अति महत्वपूर्ण इकाई है जो क्राइम और क्रिमल्स से संबंधित सभी जानकारिया को डाटा की शक्ल में संग्रह करके रखता है. CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) से लेकर SCRB (State Crime Record Bureau) द्वारा देश भर की अपराधिक गतिविधियों और उनसे जुड़े लोगों की हर जानकारी का संग्रह यहां किया जाता है. e-FIR, Face Recognition system, चोरी हुए वाहनों का डाटा सभी CRO द्वारा हैंडल किया जाते है.
संजय अरोड़ा के अचानक CRO में निरक्षण के पीछे जो मकसद है वो साफ है. दिल्ली पुलिस की सभी जांच ऐजिंसियों को क्राइम के खिलाफ जोरदार तरीके इस्तेमाल के लिए खड़ा करना चाहते हैं. उन्होंने क्राइम ब्रांच द्वारा जांच के हर प्रहलु और काम के तरीकों पर चर्चा की. ऐसी कयास लगाई जा रही है की पुलिस कमिश्नर जांच एजेंसियों में बड़ा बदलाव ला सकते हैं !


