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15 February : दिल्ली का कुख्यात शटर तोड़ महिला गैंग बेनकाब!

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नई दिल्ली : दिल्ली में लंबे समय से सक्रिय शटर तोड़ महिला गैंग आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। यह गैंग राजधानी के कई बड़े बाजारों में सेंधमारी कर लाखों की चोरी को अंजाम देता आ रहा था।

चोरी करने का अनोखा तरीका

  • गैंग में चार से पांच महिलाएं शामिल होती हैं।
  • एक महिला चार की आड़ बनाकर खड़ी हो जाती है।
  • बाकी महिलाएं शटर को आगे की तरफ खींचती हैं।
  • पतले शरीर वाली महिला संकरी जगह से अंदर घुस जाती है।
  • पैसे और कीमती सामान समेटकर चुपचाप निकल जाती हैं।
  •  ये गैंग उन्हीं दुकानों को निशाना बनाता है, जो सड़क से ऊंची होती हैं और जिनके शटर में सेंटर लॉक नहीं होता।

कैसे खुला इस गैंग का राज?

8 फरवरी की रात सदर बाजार में एक दुकान का शटर तोड़कर 10 लाख रुपये की सेंधमारी की गई। पुलिस के लिए हैरानी की बात यह थी कि शटर के दोनों तरफ ताले लगे हुए थे, फिर भी चोरी हो गई।

वारदात के बाद पुलिस को घटनास्थल के पास कोई CCTV कैमरा नहीं मिला। लेकिन सदर बाजार में रात के समय एक ई-रिक्शा का मूवमेंट संदिग्ध लगा। पुलिस ने उस ई-रिक्शा का पीछा किया और 2500 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले।

ऐसे हुआ खुलासा

पुलिस ने ई-रिक्शा का रूट ट्रेस किया, जो सदर बाजार से होते हुए पहाड़गंज, नबी करीम, करोल बाग, राजिंदर नगर, मोती नगर, पंजाबी बाग, तिलक नगर, जनकपुरी, उत्तम नगर, सेक्टर 16 द्वारका, दिल्ली कैंट तक गया था। यहीं से अपराधियों ने अजमेर के लिए ट्रेन पकड़ी।

ई-रिक्शा उत्तम नगर शिव विहार की जे.जे. कॉलोनी के चार्जिंग सेंटर पर मिला। जब पुलिस ने चार्जिंग सेंटर का रजिस्टर चेक किया, तो पता चला कि यह ई-रिक्शा जोरावर सिंह नाम के व्यक्ति ने चलाया था।

अजमेर में धर दबोचा गैंग

पुलिस जोरावर सिंह के घर, शिव विहार पहुंची, लेकिन वह फरार हो चुका था। इसके बाद पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर पीछा किया और उसे अजमेर में पकड़ लिया। उसके साथ ही इस गैंग की मुख्य सरगनाएं, तारा और इंदिरा भी गिरफ्तार हुईं।

तीनों को पुलिस दिल्ली लेकर आ गई है।

कौन हैं ये अपराधी महिलाएं?

दिल्ली में सक्रिय यह दो अलग-अलग महिला गैंग हैं, जिनकी सरगना दो महिलाएं तारा और इंदिरा हैं।

  • इंदिरा गैंग – इंदिरा का बेटा जोरावर, जोरावर की पत्नी सुनीता उर्फ हड्डी, इसकी बेटी जैती और कई महिलाएं इस गैंग में शामिल थीं।
  • तारा गैंग – तारा की बेटी मौसमी, चंदा, बेटा अर्जुन, और कई महिलाएं इस गैंग का हिस्सा थीं।

पुलिस की लगातार निगरानी

यह महिला गिरोह लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन सदर बाजार सेंधमारी मामले के बाद इसका पर्दाफाश हुआ। पुलिस अब इस गैंग के बाकी फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।

सुरक्षा के लिए पुलिस की अपील

दिल्ली पुलिस ने व्यापारियों और दुकानदारों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है:

  • दुकानों के शटर में सेंटर लॉक का इस्तेमाल करें।
  • रात में निजी सुरक्षा गार्ड या चौकीदार रखें।
  • दुकानों के बाहर सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त लाइटिंग लगाएं।

दिल्ली पुलिस बाजारों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए सतत निगरानी कर रही है और ऐसे अपराधी गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है।

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