
हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत के बाद पूरे देश में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर प्रदर्शन और नाराजगी देखने को मिली थी। इसके बाद से लगातार ये मांग की जा रही थी कि डॉक्टर मर्डर मामले में सख्त कार्रवाई की जाए। इसी बीच शुक्रवार सुबह में अचानक ही जानकारी मिली कि चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए हैं। मारे गए सभी आरोपियों की पहचान मोहम्मद आरिफ (26), जोलू शिवा (20), जोलू नवीन (20) और चिंताकुंटा चिन्नाकेशवाउलू (20) के तौर पर हुई है।

जानकारी के मुताबिक, ये एनकाउंटर उस समय हुआ जब पुलिस टीम गिरफ्तार चारों आरोपियों को लेकर एनएच-44 (वारदात वाली जगह) पर क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए पहुंची थी। पुलिस ने बताया कि इसी दौरान इन आरोपियों ने पुलिस से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई।

28 नवंबर को इन चार आरोपियों की जिनकी उम्र 20 से 26 साल के बीच थी. महिला डॉक्टर को टोल बूथ पर स्कूटी पार्क करते देखा था. आरोप है कि इन लोगों ने जानबूझकर उसकी स्कूटी पंक्चर की थी. इसके बाद मदद करने के बहाने उसका एक सूनसान जगह पर लेकर गैंगरेप किया और बाद में पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया.

शुक्रवार तड़के जब पुलिस क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए उन्हें महिला के शव को जलाने वाली जगह पर लेकर गई तो उन्होंने वहां से भागने की कोशिश की, इस दौरान पुलिस ने मुठभेड़ में चारों आरोपियों को मौके पर ही ढेर कर दिया।
पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म के चारों आरोपियों का एनकाउंटर करने वाली टीम का नेतृत्व सायबराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार (VC Sajjanar) कर रहे थे. खास बात यह कि ये पहला मौका नहीं है जब सज्जनार किसी एनकाउंटर में शामिल रहे हों.I इससे पहले साल 2008 में भी पुलिस प्रमुख सज्जनार एक एनकांउटर में शामिल थे, तब वांरगल में तीन लोगों पर दो लड़कियों पर तेजाब फेंकने का आरोप था. जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराया था. उस समय सज्जनार एसपी पद पर तैनात थे.I
इस बार की तरह ही लोगों में उस समय काफी रोष था क्योंकि आरोपियों ने तेजाब से छात्राओं का पूरा चेहरा खराब कर दिया था, एक छात्रा की तो मौत भी हो गई थी. बता दें कि तेलंगाना पशुचिकित्सक दुष्कर्म मामले में पीड़िता के शव को दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने जला दिया था. 28 नवंबर को शव बरामद होने के अगले ही दिन पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया था.

एनकाउंटर के बाद तेलंगाना के साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वी. सज्ज्नार ने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि कानून ने अपना काम किया है. उन्होंने कहा कि वारदात की जगह पर 10 पुलिसकर्मियों के साथ रिक्रिएशन के लिए गए थे. लेडी डॉक्टर का मोबाइल इन लोगों ने छुपा दिया था जिसकी तलाश करनी थी और वारदात की जगह से साइंटिफिक सबूत भी इकट्ठा करना था. उन्होंने कहा कि 4 में से 2 मुजरिम पुलिस की पिस्तौल को छीनकर पुलिसवालों पर फायरिंग कर दिया जिसमें एक पुलिसकर्मी की सिर में गोली लग गई. उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. पुलिस ने एनकाउंटर से पहले चेतावनी दी थी लेकिन वो लोग फायरिंग करते रहे. तेलंगाना पुलिस ने बताया कि हमने पूरे घटना की साइंटिफिक तरीके से जांच की. जांच के बाद हमने चार लोगों को गिरफ्तार किया और मामले को कोर्ट में रखा. कोर्ट ने 10 दिन के लिए जेल भेजा दिया. 4 और 5 दिसंबर को हमने जेल में पूछताछ की. आज सुबह जब वारदात की जगह लेडी डॉक्टर की मोबाइल तलाशने पहुंचे तो दो मुजरिम क्रमश: आरिफ और चिंताकुटा ने पुलिस पर पत्थर फेंक कर मारा और पिस्तौल छीनकर गोली चला दी. पुलिस ने उसे सरेंडर करने को भी कहा था लेकिन वो नहीं माने. एनकाउंटर में 2 पुलिस वाले जख्मी हुए है. एक पुलिसकर्मी के सिर में गोली लगी है. उसकी हालत अभी गंभीर बनी हुई है. तेलंगाना पुलिस ने अपने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि एनकाउंटर सुबह 5:45 से 6:15 के बीच हुआ. एनकाउंटर के समय 10 पुलिसकर्मी मौजूद थें. एक एसआई और एक कंस्टेबल जख्मी हो गए हैं.

दिशा के हत्या के आरोपियों के एनकाउंटर के बाद देश में हैदराबाद पुलिस के एक्शन की जय जयकार होने लगी। हर राज्य में लोगों ने चारों दरिंदों की मौत का जश्न मनाया और मिठाइयां बांटी


Comments