
नई दिल्ली : आऊटर नार्थ, डिस्ट्रिक्ट DIU की टीम को लगातार डुप्लीकेसी करने वालों का भंडाफोड़ करने में कामयाबी मिल रही है । DIU की टीम को नकली कृषि फर्टिलाइजर बनाने वाली फैक्टरी पर छापेमारी किये हुए अभी 48 घण्टे ही बीते थे, एक और छापेमारी में नकली सौन्दर्य प्रसाधन (कॉस्मेटिक) बनाने वालों का खुलासा हुआ है । यह लोग LAKME कम्पनी के नाम पर डुप्लीकेट कॉस्मेटिक बनाते थे ।

DIU आऊटर नार्थ की टीम ने अपने एसीपी दिनेश शर्मा के साथ मिलकर बड़ी तायदाद में डुप्लीकेट सौन्दर्य प्रसाधन बरामद किए हैं । डुप्लीकेसी के इस मामले में पुलिस ने आरोपी पीयूष जैन को गिरफ्तार किया है ।
विश्व प्रसिद्ध LAKME कंपनी के चेहरे, आंख होंठ, लगाने वाले कॉस्मेटिक जिसमें फाउंडेशन क्रीम, लिपिस्टिक, काजल, सिंदूर, मस्कारा बनाने का काम पीयूष जैन करता था ।

मैंसर्स आइकॉन आउटसोर्सिंग प्रा. लिमिटेड और मैसर्स हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के डिस्ट्रीब्यूटर ने दिल्ली के क्षेत्र में अपने ब्रांड LAKME के नकली उत्पादों के निर्माण के संबंध में शिकायत दी थी। शिकायत मिलने पर आउटर नार्थ जिला डीसीपी (उपायुक्त) राजीव रंजन सिंह ने शिकायत पर गौर करते हुए अपनी भरोसेमंद जांच यूनिट DIU को इसकी जांच का जिम्मा सौंप दिया ।

DIU आउटर नॉर्थ एसीपी दिनेश शर्मा ने इंस्पेक्टर अरुण देव नेहरा, सब इंस्पेक्टर मनोज, सब इंस्पेक्टर रामदेव, एएसआई भूपेंद्र, सिपाही अमित, महिला सिपाही सीमा को लेकर एक टीम बनाई । पुलिस टीम ने सेक्टर-1, DSIIDC बवाना, दिल्ली में एक परिसर में चल रही फैक्ट्री में छापेमारी की । वहाँ से LAKME की नकली पैकिंग सामग्री, नकली प्रिंट स्टिकर, नकली प्रिंटिंग डाई और प्रिंटिंग मशीन आदि सहित LAKME ब्रांड के नकली उत्पादों की भारी खेप बरामद की गई साथ ही आरोपी पीयूष जैन (30) को गिरफ्तार किया गया।

LAKME ब्रांड के बरामद किए गए डुप्लिकेट सामान में सबसे आश्चर्यजनक बात यह देखने में आई कि हर डुप्लिकेट उत्पाद और पैकिंग बॉक्स इस तरह प्रिंट किया गया था कि न केवल ग्राहक बल्कि कंपनी के लोग भी नकली और असली के बीच के अंतर को आसानी से पहचान नही पायेगें ।
पूछताछ के दौरान, आरोपी पीयूष जैन ने खुलासा किया कि उसके पिता दिल्ली के सदर बाजार में रूई मंडी में फीते का कारोबार करते थे, क्योंकि उनकी दिल्ली के पहाड़ी धीरज में एक दुकान है। चूंकि आरोपी पढ़ाई में अच्छा नहीं था, इसलिए उसके पिता ने उसे अपने व्यवसाय में शामिल होने के लिए कहा और आरोपी 12 वीं कक्षा पास करने के बाद अपने पिता की दुकान पर जाने लगा। आरोपी को अपने पिता के व्यवसाय में कोई दिलचस्पी नहीं थी और ओपन स्कूल से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उसने विभिन्न अवैध व्यवसायों के पैटर्न का अध्ययन करना शुरू कर दिया।

आरोपी पीयूष जैन सदर बाजार जाता रहता था आरोपी को पता था कि सदर बाजार प्रसिद्ध ब्रांडों के नकली उत्पादों का एक बड़ा बाजार था। सदर बाजार में कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री बहुत अधिक थी। इसलिए नकली कॉस्मेटिक आइटम बनाने की अपनी खुद की फैक्ट्री लगाने का फैसला किया और किराए के परिसर में DSIIDC बवाना में अपना कारखाना शुरू किया।
वह लोकप्रिय कॉस्मेटिक ब्रांडों के डिजाइन और अन्य विवरणों को यू-ट्यूब और अन्य वेबसाइटों से कॉपी करता था और नकली LAKME ब्रांड उत्पादों की प्रिंटिंग खुद ही करता था। आरोपी ने खुलासा किया कि वह दिल्ली के सदर बाजार में नकली लैक्मे उत्पाद बेचता था। आरोपी पिछले एक साल से फर्जी प्रोडक्शन के इस धंधे में था और पहले कभी गिरफ्तार नहीं हुआ था। अब न्यायालय को यह देखना है कि डुप्लीकेसी कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को कितनी सख्त से सख्त सजा देता है ।
सौंदर्य प्रसाधन की डुप्लीकेसी बहुत खतरनाक मानी जाती है। ये स्वास्थ्य पर सीधा असर डालती है । जो महिला इसे इस्तेमाल करेगी उसकी आंखों, होंठों और चेहरे के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकते हैं । आजकल ये उत्पाद हर किसी के जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं, खासकर महिलाएं ज्यादा इसका इस्तेमाल करती हैं । इसलिये महिलाओं को इस खबर को पढ़कर सावधान हो जाना चाहिए । जब भी कोई सामान लें कंपनी की प्रमाणित दुकानों से ही खरीदें ।


