

नई दिल्ली : पुलिस के माथे पर लगा दुष्कर्म का एक दाग हट गया है जो कई महीनों से पुलिस के लिए बदनामी का सबब बना हुआ था। सेन्ट्रल दिल्ली की सांगत राशन चौकी की टीम ने पुलिस का सिपाही बनकर लड़की के साथ रैप करने वाला शख्स गिरफ्तार कर लिया है । तीन महीने की कड़ी मशक्क्त के बाद पुलिस ने आरोपी को ढूंढ निकाला।
यह सारा वाक्या इसी साल 6 सितंबर का है। एक युवती ने पहाड़ गंज इलाके में पीसीआर काल की थी। उसके कॉल पर बताया की “उसके साथ एक पुलिस का सिपाही जो उसे मदद करने के बहाने से होटल में लाया और रैप करके फरार हो गया है”। इस लड़की ने बताया की वह उत्तर प्रदेश के रामपुर की रहने वाली है और हिमाचल प्रदेश से दिल्ली आ रही थी। इसके बाद उसे दिल्ली से रामपुर जाना था। इस लड़की ने अपनी एक महिला मित्र से दिल्ली से रामपुर जाने के लिए मदद मांगी थी। महिला मित्र ने संदीप नाम के जानकर युवक को उसकी मदद के लिए भेज दिया। संदीप ने इस लड़की को पुलिस का सिपाही कह कर परिचय दिया।
इस लड़की को सिंघु बॉर्डर से ऑटो मैं बैठा कर पहाड़ गंज ले आया। रात हो गई थी इसलिए उसे रात को दिल्ली में रुककर अगले दिन रामपुर जाने के लिए राजी कर लिया। संदीप ने पहाड़ गंज के संगत राशन इलाके में एक होटल का कमरा एक रात के लिए बुक किया । इसने होटल का रूम बुक करते वक्त खुद को पुलिस का सिपाही बताया। लड़की उसे पुलिस का सिपाही समझकर यकीन कर बैठी जो उसके लिए घातक साबित हुआ। संदीप ने उस रात इस लड़की के साथ जबरन रैप किया और फरार हो गया। सुबह इस लकड़ी ने अपने साथ हुए दुष्कर्म की सूचना पुलिस को दी। उसने पुलिस को बताया की उसके साथ दुष्कर्म करने वाला शख्स पुलिस का सिपाही है।
इस रैप की खबर से डिस्ट्रिक्ट के आला अधिकारीयों को मामले की गंभीरता का अहसास हो गया था। तुरंत जिला डीसीपी संजय भाटिया ने एसीपी ओमप्रकाश लेखवाल, थाना इंचार्ज विशुद्धानन्द झा, सांगत राशन चौकी इंचार्ज गोपाल बैसला के साथ मीटिंग बैठाई गई। इस रैप कैस की तफ्तीश की जिम्मेदारी सांगत राशन चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर गोपाल को सौंप दी गई, क्योकि मामला पुलिस के सिपाही से सम्बंधित था इसलिए जल्द से जल्द इस मामले के आरोपी को पकड़ने की हिदायत भी दे दी गई !

चौकी की पुलिस टीम इस मामले की जांच में जुट गई। सब इंस्पेक्टर जगत, कांस्टेबल दीपक, राजीव, नितिन की एक टीम बनाई गई। एक एक करके इस रैप से सम्बंधित सारे साक्ष्य जुटा कर जांच शुरू हुई। पुलिस ने होटल से बुकिंग के वक्त दी गई ID से आरोपी के बारे में पता लगाया तो यह बात साफ़ हो गई की आरोपी का पुलिस से कोई नाता नहीं है बल्कि आरोपी ने फर्ज़ीवाड़े करते हुए अपने आप को पुलिस का सिपाही बताया था । पुलिस ने आरोपी के मोबाईल को सर्वलांस पर लगा दिया मगर उसका फोन बंद मिला। उसके आईडी के पते पर पुलिस उसके घर पहुंची तो वह फरार पाया गया। इसके बाद पुलिस ने उसके बंद नंबर की पुरानी कॉल डिटेल के आधार पर जांच शुरू कर दी ।
आरोपी के बंद नंबर पर पहले जिन नंबरों पर बात किया करता था, उन नंबरों पर नज़र रखी जाने लगी। इस तरह इस जांच को करते करते पुलिस को तीन महीने से ऊपर का वक्त लग गया। इस पड़ताल के दौरान पुलिस के सामने एक ऐसा नमबर आया जो पीड़ित लड़की की उस महिला मित्र को किया जा रहा जिसने संदीप को पीड़ित लड़की की मदद के लिए भेजा था। पुलिस टीम ने इस नंबर की डिटेल निकाली तो यह संदीप का नया नंबर था। इस नए नंबर की लोकेशन तलाशते हुए पुलिस उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी तक पहुँच गई। वहीँ से इस रैप के आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान संदीप ने जुर्म कबूलते हुए बताया की “उसने पुलिस का सिपाही बता कर लड़की को दिल्ली में मदद का यकीन दिलाया और फिर रात को पुलिस का भय दिखाकर लड़की के साथ जबरन रैप कर डाला था”। संदीप उत्तर प्रदेश के खतौली का रहने वाला है। यह दिल्ली एयरपोर्ट पर प्राइवेट कम्पनी का सुरक्षा कर्मचारी है। इसके बारे में जांच से यह भी पता चला है इसने दो शादी की हुई हैं।
यह जाहिर सी बात है की पुलिस के नाम पर लड़की को डरा कर दुष्कर्म करने वाले संदीप की गिरफ्तारी से पुलिस के नाम पर लगा दाग मिट गया है।
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