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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के फ़र्ज़ी “ईरानी गैंग” के दो ठग गिरफ्तार  

ईरानी के गैंग के फ़र्ज़ी पुलिस कर्मी मासूम अली और मोहम्मद अकबर पुलिस कस्टडी में 
ईरानी के गैंग के फ़र्ज़ी पुलिस कर्मी मासूम अली और मोहम्मद अकबर पुलिस कस्टडी में

नई दिल्ली : सेन्ट्रल दिल्ली देस बंधु गुप्ता रोड पुलिस ने दो ऐसे बहरूपियों को गिरफ्तार किया है जो दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के अधिकारी बन कर लोगों के साथ लूटमारी किया करते थे। 

9 दिसंबर कोअजय नाम के शख्स ने सेन्ट्रल दिल्ली के देश बंधू गुप्ता रोड पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज करवाई। उसने पुलिस को बताया कि “वह बाइक पर 4 लाख रूपये लेकर लारेंस रोड जा रहा था, जब वह तिब्बिया कॉलेज के सामने पहुँचा तो दो बाइक सवारों ने उसे रोका और कहा कि वे पुलिस अधिकारी हैं और आपके बैग की जाँच करनी होगी, आप कोई अवैध हथियार लेकर तो नहीं जा रहे हैं। बैग की जांच के बाद ये पुलिस अधिकारी मौके से दो बाइकों पर फरार हो गए”। 
अजय ने बताया “जब बैग देखा तो उसमें से 2,50,000 रूपये गायब थे”। इस तरह की ठगी की पहले भी शिकायतें पुलिस को मिल रही थी। एसीपी ओमप्रकाश लेखवाल ने इस नकली पुलिस वालों को पकड़ने के लिए देश बंधू रोड पुलिस स्टेशन के इंचार्ज राकेश मधुकर, सब इंस्पेक्टर संदीप गोधरा, एएसआई आदेश, सिपाही अतुल और परवीन को एक प्लान बना कर इनको पकड़ने के लिए टीम बनाई। 
पुलिस इससे पहले इलाके में इस तरह की वारदात की सीसीटीवी फुटेज इकठ्ठी कर चुकी थी, उसमें आई अपाचे और एफजेड मोटरसाइकिल की तस्वीरें शिकायतकर्ता को दिखाई गई, शिकायतकर्ता अजय ने बाइक पहचान ली। 
दरअसल जिस वक्त अजय के साथ वारदात हुई उस वक्त अपाचे और एफजेड मोटरसाइकिलों पर चार लोग सवार थे। 
9 तारीख को वारदात करने के बाद यह चार लोगों का गैंग फिर 10 तारीख को वारदात करने अपाचे और एफजेड मोटरसाइकिलों पर इलाके में आया। मगर पुलिस पहले से ही इलाके में नज़र बनाये हुए थी। पुलिस ने मोटरसाइकिल की पहचान कर अपाचे और एफजेड मोटर साइकिलों को पकड़ लिया। मगर पुलिस की बदकिस्मती यह रही की पुलिस दो लोग भागने में सफल रहे और दो लोगों को पुलिस ने मौके से पकड़ लिया। 
पुलिस को जांच से पता चला की पकड़े गए मासूम अली (38) और मोहमद अकबर (26), मुंबई और मध्य प्रदेश के मशहूर ईरानी गैंग के बदमाश हैं। इन पर कुल 14 मुकद्दमे पहले से दर्ज हैं । यह वहां से आकर उत्तरी दिल्ली , मध्य दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली के बड़े बाज़ारों में अपने शिकार को ढूंढते थे। यह लोग दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर लोगों के सामान की अवैध हथियार या बम के बहाने तलाशी लेते थे और उनका पैसा, ज्वैलरी लेकर फरार हो जाते थे। 
यह गैंग पहले भी देशबंधु गुप्ता रोड और करोलबाग  इलाके में वारदातों को अंजाम दे चुका है।  मासूम अली की  गिरफ्तारी से करोल बाग और  मोहम्मद अकबर  की गिरफ्तारी से देशबंधु गुप्ता रोड और हौज़ खास के मामले खुल गए हैं । इन इलाकों में भी फ़र्ज़ी पुलिसकर्मी बन कर यह ठगी का अपराध कर चुके हैं।
 
 
 
 
 
 

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