

नई दिल्ली / 2 September 2020 : दिल्ली में लापता बच्चों के मामले पर कई बार बच्चों के माता पिता व परिवारोंं ने अपनी आवाज उठाई है । गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने बच्चों की गुमशुदगी को एक गम्भीर मसला माना है । खोये हुए बच्चों को खोज निकालने के लिए जिला पुलिस को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं ।
सेंट्रल डिस्ट्रक्ट के उपायुक्त संजय भाटिया, अतिरिक्त उपायुक्त -1 रोहित मीणा, अतिरिक्त उपायुक्त -2 सिकन्दर सिंह ने अपने पुलिस हाई कमान के निर्देशानुसार जिले में ऑपरेशन मिलाप को बड़े पैमाने पर शुरू किया हुआ है । विशेष तौर से नई दिल्ली स्टेशन पहाड़ गंज पर खोये बच्चों की तलाश के लिए अलग से स्टाफ तैनात किया हुआ है।

इसी प्रकार जिले के समस्त पुलिस थानों को अलग अलग घटनाक्रम में लापता बच्चों का सुराग निकालने के लिए तेजी से काम जारी है । इस प्रयास के अंतर्गत 7 बच्चों को खोज निकाला गया है । 2016 से 2020 की अवधि में इन बच्चों के लापता होने की FIR दर्ज थी ।
थाना चांदनी महल तुर्कमान गेट से इसी साल 3 जुलाई को गायब 12 साल के बच्चे को थाना इंचार्ज बिनोद सिंह तथा चौकी इंचार्ज पवन यादव ने दिल्ली से लेकर बिहार के कटिहार तक तलाश किया और अंत में बच्चा पुरानी दिल्ली स्टेशन से ढूंढ निकाला गया ।
इसी साल 3 जनवरी को 17 साल की लड़की को जांच अधिकारी ASI सुरेश कुमार द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद हरियाणा के पानीपत से ढूंढ लिया गया । दूसरी घटना में करोल बाग से एक और लड़की 18 फरवरी 20 को लापता हो गई थी 17 साल की इस लड़की को ASI मीरपाल सिंह ने लड़की को उत्तर प्रदेश के हरदोई के गाँव से ढूंढ निकाला । इसमें जांच अधिकारी ASI मीरपाल सिंह ने बहुत कठिन प्रयास किये ।
6 फरवरी 20 को करोल बाग थाने में एक पिता ने अपनी दो बेटीयों के अपहरण होने की FIR दर्ज करवाई, इन दोनों में एक लड़की नाबालिग थी । पुलिस दोनों को ढूंढ़ने उत्तर प्रदेश भटकती रही । पुलिस को खबर मिली नाबालिग लड़की वापिस आ गई और उसकी बड़ी बहन ने शादी कर ली । मामला दो लड़कियों के अपहरण का था इसलिए पुलिस जांच टीम ने अंत तक प्रयास किया ।
रजिंदर नगर पुलिस स्टेशन में 18 मार्च को एक पिता ने अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई । पिता का कहना था कि लड़की मजदूरी का काम किया करती थी । इस शिकायत के बाद IO कृष्णपाल ने इस लड़की की खोज में दिल्ली से मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ तक नाप डाला आखिरकार लड़की को दिल्ली से बरामद कर लिया गया ।
इस जिले में सबसे खास मामला रंजीत नगर का सामने आया है । 9 मई 2016 में 17 साल की बेटी के पिता ने करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास से लापता होने का मामला दर्ज करवाया था । ACP करोल बाग एच् एस पी सिंह ने करोल बाग थाने की टीम बनाकर जांच का आदेश दिया । सवा चार साल बाद करोल बाग पुलिस टीम ने दिल्ली में तलाश लिया गया।
इन सारे दर्ज मामलों में पुलिस कर्मचारियों ने कठिन प्रयास किये हैं । छोटे बच्चे से लेकर वयस्कता की दहलीज की और बढ़ने वाले बच्चों को तलाशना बड़ा ही पेचीदा काम है । ऐसे में एक तरफ बच्चों के माता पिता की व्याकुलता और पुलिस से उम्मीद की आस पुलिस को ओर अधिक कर्तव्यपरायण बना देती है ।




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