सेन्ट्रल दिल्ली :समाज में अक्सर फ़िल्में मनोरंजन का जरिया समझी जाती है, किन्तु कई बार फिल्मों में दिखाई देने वाले आइडिये बहुत काम आते हैं। ऐसे ही एक फ़िल्मी आइडिये का इस्तेमाल करके पुलिस ने 3 महीने से फरार रेप के आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की थी।
20 दिसंबर 2020 को सेन्ट्रल दिल्ली के थाना पहाड़ गंज पुलिस ने ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया था, जिसने उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही बनकर अपने जाल में आधा दर्जन से ज्यादा लड़कियों को फंसा कर उनका शोषण करता था । यह लड़कियों को पुलिस का डर दिखा कर उनकाशारीरिक व आर्थिकशोषण किया करता था । अक्सर इसके निशाने पर होटल क्लब या बॉर में काम करने वाली लड़कियाँ हुआ करती थी।
पहले वर्ष 6 सितंबर 2020 को इस शख्स ने उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही बनकर एक युवती को मदद का आश्वासन दिया और बहाने से दिल्ली के पहाड़ गंज होटल में अपने आपको पुलिस कर्मी बतला लाकर फ़र्ज़ी पहचान पत्र दिखा कर रूम ले लिया और रेप करके फरार हो गया । लड़की ने अपने साथ हुए दुष्कर्म की सुचना दिल्ली पुलिस की पीसीआर को दी। लड़की ने जो कॉल की थी उसमें उसने रैप का आरोप पुलिस के सिपाही पर लगाया था। अतः इस बात को गंभीरता से लेते हुए थाना सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट DCP संजय भाटिया ने, ACP पहाड़ गंज ओमप्रकाश लेखवाल और SHO विशुद्धानन्द झा को अपने कार्यालय में तलब किया। इन अधिकारियों ने इस मामले को आरोपी को पकड़ने के लिए कवायद शुरू कर दी। रेप का मामला पहाड़ गंज के संगतराशन चौकी इलाके का था।
रैप के इस मामले के आरोपी की तलाश में संगत राशन चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर गोपाल बैसला, सब इंस्पेक्टर जगत, हैड कांस्टेबल राजवीर कांस्टेबल दीपक, कांस्टेबल राजवीर राजीव, नितिन की एक टीम बनाई गई। इस आरोपी तक पहुँचने के लिए मोबाइल सर्वलांस की जिम्मेदारी कांस्टेबल दीपक को सौंपी गई ।
लड़की ने अपने ब्यान में बताया की वह हिमाचल से दिल्ली आ रही थी और उसे दिल्ली से बस पकड़ कर रामपुर उत्तर प्रदेश जाना था। उसने दिल्ली में रहने वाली अपनी एक महिला मित्र से दिल्ली में मदद मांगी। उस लड़की ने अपने प्रेमी संदीप भाटी को उसकी मदद करने के लिए भेज दिया गया । संदीप उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहन कर फ़र्ज़ी सिपाही बनकर सिंघु बॉर्डर पहुंच गया वहाँ तैनात पुलिसकर्मियों को उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही बता कर पहाड़ गंज होटल ले आया। वहाँ रात को फ़र्ज़ी ID जमा करवा कर रूम ले लिया। इसके बाद रात को रैप करके फरार हो गया।
पीड़िता के ब्यान सुनने के बाद पुलिस ने उस लड़की से पूछताछ की जिसने आरोपी को मदद के लिए भेजा था। उस लड़की से पता चला आरोपी का नाम संदीप भाटी है जो उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद का रहने वाला है। पुलिस को संदीप की फोटो होटल में लगे CCTV से मिल गई थी। पुलिस ने लड़की से संदीप की फोटो की शिनाख्त करवा ली थी। पुलिस जब संदीप के घर बहादुरगढ़, मेरठ, उत्तर प्रदेश पहुंची तो वह घर से फरार हो चुका था। आरोपी ने अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए थे, पुलिस को इसका सुराग नहीं ढूंढ पा रही थी ।
पहाड़ गंज थाना इंचार्ज विशुद्धानन्द झा ने टीम बनाई गई। जिसमें इंस्पेक्टर चौकी इंचार्ज गोपाल बैसला, सब इंस्पेक्टर जगत के साथ हैड कांस्टेबल राजवीर कांस्टेबल दीपक, राजीव को सौंपा गया।
पुलिस ने आरोपी की व्यक्तिगत जिंदगी को इसके आस पास रहने वालों से पता किया। पुलिस को जानकारी मिली की संदीप भाटी ऐशों आराम की जिंदगी जीता है। शौकीन मिजाज संदीप को नई नई लडकियों से दोस्ती करने का शौक है। संदीप का आधा दर्जन से भी ज्यादा लड़कियों के साथ प्रेम प्रसंग चल रहे हैं। इसने दो शादियाँ कर रखी थी। पुलिस को दिल्ली के मादीपुर में इसकी दूसरी पत्नी के रहने का पता चला। जब पुलिस वहाँ पहुंची तो इसके घर के बाहर इसने अपने नाम की नेम प्लेट के नीचे यूपी पुलिस लिखा हुआ था।
उत्तर प्रदेश पुलिस की नेम प्लेट घर के बाहर से बरामद हुई
कांस्टेबल दीपक ने संदीप के सम्पर्क में रहने वाली कई लड़कियों के मोबाइल नंबर जुटा लिए। हज़ारों कॉल डिटेल खंगालने के बाद एक ऐसे नंबर को ढूंढ निकाला जिसपर लगातर एक नंबर से कॉल आ रही थी। पुलिस उस नंबर तक पहुँच गई यह नंबर जिस लड़की का था वह संदीप की नई प्रेमिका थी। यह लड़की कौशाम्बी होटल पैराडाइज जो उत्तर प्रदेश में हैं उसमें नौकरी करती है । संदीप अक्सर इससे मिलने आता था, इससे शादी करने का वादा भी किया हुआ था। संदीप कभी कभी मौज मस्ती के लिए इस होटल के `बार’ में भी आया करता था।
पहाड़ गंज थाने की जाँच टीम दुष्कर्म के इस समूचे मामले की पड़ताल करते हुए अपनी कामयाबी के आखिरी पायदान पर पहुँच गई थी।अब पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक रणनीति बनाई। पुलिस ने एक फ़िल्मी एंगल की तरह काम करना शुरू कर दिया। कांस्टेबल दीपक, हैड कांस्टेबल, कांस्टेबल राजीव ने बकायदा होटल में ग्राहक बन कर एंट्री की। इसके बाद होटल में काम करने वाली संदीप की प्रेमिका से संपर्क किया। पुलिस ने लड़की को संदीप के फर्ज़ीवाड़े और लड़की के साथ दुष्कर्म की जानकारी देकर उसे अपने विश्वास में ले लिया। लड़की ने बताया की संदीप अक्सर इस होटल के `बार’ में मौज मस्ती करने आता है। संदीप की प्रेमिका ने पुलिस के प्लान के अनुसार उसको मौज मस्ती के लिए `बार’में बुलाया। संदीप ने अपनी प्रेमिका की बात मान कर आने का वादा किया मगर आने की तारीख और टाइम नहीं बताया।
कई दिनों तक पुलिस स्टाफ इस होटल के `बार’ मैं ग्राहक बन कर निगरानी रखने लगा। 20 दिसंबर की रात पुलिस की मेहनत रंग लाई, उस रात संदीप अपनी प्रेमिका से मिलने `बार’ में आया। शराब पीने के बाद वहाँ बज रहे संगीत की धुन पर अपनी प्रेमिका के साथ फ्लौर पर डांस करने लगा। डांस करते वक्त आँख बचा कर संदीप के साथ डांस कर रही उसकी प्रेमिका ने पुलिस को इशारा कर दिया। ग्राहक बन कर बैठे कांस्टेबल दीपक, हैड कांस्टेबल राजबीर, कांस्टेबल राजीव भी डांस करते करते डांस फ्लोर पर पहुंचे। संदीप को बिलकुल आभास नहीं होने दिया की पुलिस उसके इतने करीब पहुंच गई है। जब संदीप तीनों के घेरे में आ गया तो तीनों दिल्ली पुलिस कर्मियों ने संदीप को डांस फ्लोर पर दबोच लिया।
इस तरह एक फ़िल्मी सीन बना कर इस दुष्कर्म के आरोपी को तीन महीने बाद पुलिस ने गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल कर ली थी।संदीप ने पूछताछ में अपने द्वारा किये हुए सभी नये पुराने गुनाह कबूलते हुए बताया कि “उत्तर प्रदेश पुलिस का फ़र्ज़ी सिपाही बनकर मदद करने के बहाने लड़कियों से दोस्ती करता था फिर उनका शारीरिक शोषण करता था”। लड़कियां इसका फ़र्ज़ी पहचान पत्र और पुलिस वर्दी में देखकर असली पुलिस वाला समझकर डर जाती थी और इसकी शिकायत करने का साहस नहीं करती थी।
पहाड़ गंज थाना इंचार्ज विशुद्धानन्द झा के साथ संदीप भाटी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
इसने कई लड़कियों को सिविल डिफेन्स में नौकरी लगाने के नाम पर दोस्ती की फिर शारीरिक और आर्थिक फायदा उठाया। इसका साहस इतना था की इसने कई बार यूपी में यूपी पुलिस की वर्दी पहन कर ड्यूटी भी दी है। यह वहाँ तैनात पुलिस कर्मियों के साथ वर्दी पहन कर सैल्फी खींच कर फोटो मोबाइल में सुरक्षित रखता था। जब किसी लड़की से दोस्ती करनी होती थी, पुलिस वालों के साथ वर्दी में खींची सेल्फी को दिखा कर पुलिस कर्मी होने का यकीन देला देता था।
इस रेप के आरोपी को गिरफ्तार करने और इसके खेल से पर्दा उठाने के लिए पुलिस को तीन महीने लगे किन्तु पुलिस ने अपनी जांच से लेकर आरोपी को जेल तक पहुंचाने में काबिले तारीफ काम किया है।