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10 अक्टूबर : फ्रीडम 251 फ़ोन वाला मोहित गोयल फ़ोन धमकी केस में गिरफ्तार

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नई दिल्ली : सबसे सस्ता मोबाइल फ़्रीडम 251 लोगों को मुहेया कराने का दावा करने और 200 करोड़ का चुना लगाने वाले मोहित गोयल एक बार फिर से सुर्ख़ियो में बने हुए हैं। वैसे तो सुमित गोयल किसी ना किसी मामले या घोटाले में शामिल ही रहता है लेकिन इस बार मामला कुछ और ही है।
अपने भाई को फ़साने के चक्कर में मोहित गोयल ख़ुद ही फँस गया।

सर्वोच्च न्यायालय ने अज्ञात धमकी भरी कॉल करने वाले का पता लगाने के लिए मामले को अपराध शाखा में स्थानांतरित कर दिया था, मामले को सुलझाने पर 50,000/- रुपये का इनाम घोषित किया गया था।  दिल्ली पुलिस क्राइम ने मास्टरमाइंड समेत तीन अपराधियों 
मोहित गोयल (34) सुमित यादव (28) विनीत  उर्फ़ शैंकी (31) को गुरुग्राम, नोएडा और चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है । दरसल सुमित यादव पर अनेकों थानों में कई मामले दर्ज हैं और लेकिन मोहित गोयल को लगा की उसके भाई विकास मित्तल ने उसे फ़सवाया है। इसी का बदला लेने के लिए मोहित गोयल ने अपने भाई विकास मित्तल को फँसवाने की साज़िश रची। उसे पता चला की विकास मित्तल पर बलात्कार का मामला दर्ज हुआ है और वो जेल में हैं। मित्तल जेल से बाहर ना निकल सके इसके लिए मोहित गोयल ने विनीत कुमार नाम के शख़्स को अपने लिए पी.एस.ओ. (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफीसर) के तौर पर सर्विस पर रख लिया और मोहित गोयल ने विनीत को बलात्कार पीड़िता को डराने धमकाने को कहा जिससे शक की सुई विकास मित्तल की ही तरफ़ घूम जाए और विकास पर  बलात्कार का केस और ज़्यादा संगीन हो जाए।
विनीत पर पहले  से अपहरण और फिरोती के 2 मुक़दमे दर्ज हैं. विकास मित्तल जब जेल से बाहर आया तो वह उज्जैन जा रहा था तो मोहित गोयल ने  विनीत को भी उसी  फ़्लाइट से उज्जैन भेज दिया और वहाँ विनीत किसी फ़र्ज़ी मोबाइल सिम से बलात्कार पीड़िता को फ़ोन पर डराया धमकाया। विकास मित्तल जब वापस दिल्ली आ रहा था तो पुलिस ने उसे फोन कॉल के मामले में दिल्ली एयरपोर्ट से ही गिरफ़्तार कर लिया। विकास मित्तल की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की मौजूदगी में पीड़िता को फ़ोन पर डराया धमकाया। अज्ञात फोन करने वाले ने कहा कि वह उसे और उसके पूरे परिवार को मार डालेगा।।
24.09.2020 को विनीत को मोहित गोयल ने दिल्ली के सिविल लाइंस मेट्रो भेजा।  विनीत ने ख़ुद जाकर लड़की को डराया, प्लान के मुताबिक़ मोहित  गोयल का ही साथी सुमित यादव इस मामले में पुलिस का चश्मदीद गवाह बन गया। विनीत ने गुरुग्राम से सुमित को भी फ़ोन करके डराने का नाटक भी किया और सुमित जो उस वक़्त जींद में था ख़ुद से 4 राउंड फ़ायर करके विकास मित्तल पर आर्म्स ऐक्ट का मुक़द्दमा दर्ज करा दिया।
बलात्कार पीड़िता को धमकी देने वाले कॉलर का पता लगाने के लिए 7.12.2020 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने मामले को अपराध शाखा में स्थानांतरित कर दिया था, कॉल करने वाले का पता लगाने और मामले को सुलझाने पर दिल्ली पुलिस द्वारा 50,000 / के इनाम की घोषणा की गई।
दिल्ली पुलिस क्राइम एसीपी गिरीश कौशिक (IGIS) के नेतृत्व में टीम बनाई गई। जिसमें महिला सब इंस्पेक्टर सुमन बजाज, सब इंस्पेक्टर सुशील कुमार, हवलदार राजीव सहरावत, सिपाही ओम प्रकाश, मनजीत, महेश, मुकेश, कुलदीप, चौ. दीपक, महिला सिपाही ममता और रूबी को शामिल किया गया। महीनों के डेटा विश्लेषण, तकनीकी कार्य के बाद, हवलदार राजीव सहरावत और सिपाही ओम प्रकाश को महत्वपूर्ण सुराग हाँथ आये। इन्होने यह पता लगा लिया अज्ञात कॉलर गुरुग्राम निवासी विनीत कुमार है।
  टीम ने जाल बिछाया और अंतत: 02.10.2021 को हरियाणा के गुरुग्राम में किराए के मकान से विनीत कुमार को पकड़ लिया गया। दिल्ली पुलिस  की क्राइम ब्रांच की पूछताछ से पता चला की पीड़िता को डराने धमकाने और गोली चलाने की सारी वारदातें विकास ने नही बल्कि मोहित गोयल से कराई थी। मोहित गोयल पहले भी 48 मामलों का आरोपी रहा है, जिसमें से फ़्रीडम 251 मोबाइल में 200 करोड़  और ड्राई फ़्रूट्स फ़र्जिवाडा भी  शामिल है। पुलिस ने सुमित के पास से एक पिस्टल भी बरामद की है।
अब क्राइम ब्रांच को मोहित की तलाश थी जो लगातार मोहित गोयल अपनी जगह बदल रहा था। खुद को गाजियाबाद या नोएडा में कहीं छिपा रहा गठा और 05.10.2021 को, मोहित गोयल का पता लगाया गया और उसे  नोएडा, यूपी में उनके अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया।  उसने अपराध में कबूलते हुए  सुमित यादव के बारे में खुलासा किया। 6.10.2021 को चंडीगढ़ उच्च न्यायालय के बाहर सुमित यादव का पता लगाया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
1.  विनीत कुमार रोहतक के रहने वाला है और नौकरी की तलाश में 2019 में गुरुग्राम  आया था ।  इसकी सुमित यादव से मुलाकात हुई  जो एक सुरक्षा कंपनी चला रहा था।  इसकी कम्पनी बाउंसर और पीएसओ प्रदान करती थी।  सुमित यादव ने  विनीत को मोहित गोयल से मिलवाया, उसने विनीत को 40,000/- मासिक वेतन पर पीएसओ के रूप में नियुक्त कर लिया यह पहले गुरुग्राम में दो आपराधिक मामलों में और अपहरण और जबरन वसूली के पुलिस स्टेशन लक्ष्मी नगर में एक मामले में शामिल है।

2. मोहित गोयल शामली (यूपी) के रहने वाला हैं और पोस्ट ग्रेजुएट हैं।  2016 में, उन्होंने रिंगिंग बेल्स प्राइवेट कम्पनी शुरू की थी ।  लिमिटेड कंपनी और भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत फ्रीडम -251 के नाम से बहुत सस्ती दरों पर स्मार्ट फोन लॉन्च किया और उत्तराखंड हरिद्वार में कारखाना स्थापित किया।  उस पर लॉन्च किए गए फोन पर राष्ट्रीय ध्वज लोगो का दुरुपयोग करने का मामला दर्ज किया गया था।  बाद में, पूरे भारत में वितरकों / डीलरों द्वारा उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए क्योंकि वह भुगतान के बावजूद डिलीवरी प्रदान नहीं कर सका ।  फ्रीडम-251 फोन का  200 करोड़ का घोटाला था।  जेल से आने के बाद उन्होंने दुबई ड्राई फ्रूट्स नाम की एक और कंपनी बनाई और ड्राई फ्रूट्स का कारोबार शुरू किया।  उसके खिलाफ धोखाधड़ी और सामान नहीं पहुंचाने के कई मामले दर्ज हैं।  डिस्कवरी प्लस चैनल ने उन पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई थी और उन्हें मनी माफिया के रूप में दिखाया था।

3. सुमित यादव  लंदन से होस्पिटैलिटी का कोर्स करके आया था और गुरुग्राम में बाउन्सर मिहैया कराने की एजेन्सी चला रहा था।  इसने विकास मित्तल के खिलाफ जींद में हत्या की कोशिश, लाइफ थ्रेट एंड आर्म्स एक्ट का झूठा मामला दर्ज कराया। वह ड्राय फ्रूट फ्रॉड में नोएडा के 12 आपराधिक मामलों में वांटेड था।  उसके खिलाफ 8 मामलों में गैर जमानती वारंट जारी किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस ने 25,000 / – की घोषणा की थी।  उसके कहने पर दिल्ली में एक ऑटोमेटिक पिस्टल बरामद हुई।

इस उलझे हुए आपराधिक मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंटर-बॉर्डर गैंग इन्वेस्टिगेशन स्क्वॉड ने इन्वेस्टिगेशन एंड डिटेक्शन का एक बेहतरीन उदाहरण किया है।

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