सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल ने सात महीने बाद गिरफ्तार किये चार अवैध कॉल सेंटर चलाने वाले आरोपीनई दिल्ली : सेंटर डिस्ट्रिक्ट की साइबर सेल ने हौज काजी इलाके में इंटरनेशनल फ़र्ज़ी काल सेंटर चलाने वाले मास्टर माइंड इरफान उर्फ रज्जी के साथ जुल्फिकार और उसके भाई इरफान को गिरफ्तार कर लिया है ।
पुरानी दिल्ली की तंग गलियों में छिपा कर इस काल सेंटर को चलाया जा रहा था । इस कॉल सेंटर के सर्वर पर VOIP (voice over internet protocol) कॉल आया करती थी जिसे NTRO या भारत की कोई भी सुरक्षा एजेंसी नही पकड़ सकती थी । यह कॉल्स पाकिस्तान, दुबई और मुस्लिम देशों से आती थी । यह सभी VOIP (voice over internet protocol) कॉल्स होती थी जिसका IP नम्बर वहीं विदेशों में जनरेटर होता था । यह लोग JIO SIP (Session Initiation Protocol) तकनीक का इस्तेमाल करते थे । देश के दुश्मन SIP (Session Initiation Protocol) कॉम्युनिकेशन की तकनीक भारत में ख़ुफ़िया सन्देश पहुचाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं ।

इस कॉल सेंटर पर इस्तेमाल किये जा रहे सर्वर पर 2500 कॉल एक ही नम्बर से आती थी । ज्यादातर कॉल्स पाकिस्तान, से आती थी इसके बाद दुबई, सऊदी अरब, कुवैत, औऱ कई मुस्लिम देशों से तकरीबन रोजाना 2 लाख से ज्यादा कॉल्स आती थी । जिसमें केवल अकेले पाकिस्तान से 50 हजार कॉल्स की संख्या बताई जा रही है ।
इस खुलासे से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं । ऐसा अंदेशा है कि विदेशों में बैठे भारत विरोधी ताकतें इस तरह के कॉल सेंटर के जरिये भारत में अपने छुपकर रह रहे लोगों को संदेश भेजते थे । जिसके लिए VOIP (voice over internet protocol) कॉल्स का इस्तेमाल किया करते थे ।

इस मामले की कहानी फरवरी 2021 से शुरु होती है । जब सेंट्रल डिस्ट्रक्ट दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर ललित कुमार और टेलीकॉम डायरेक्टरेट ने मिलकर इस हौज काज़ी में चल रहे गैरकानूनी कॉल सेंटर पर छापेमारी की थी ।
उस वक्त कॉल सेन्टर से सभी लोग फरार हो गए । इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के पास इस मामले की जांच और अपराधियों को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया । 6 जुलाई 2021 को स्पेशल सेल ने दरियागंज में गैरकानूनी कॉल सेंटर पकड़ा । इसके बाद सेल ने 14 जुलाई को दिल्ली के झिलमिल क्षेत्र में फ़र्ज़ी कॉल सेंटर पर छापा मारी की । मगर रज्जी को स्पेशल सेल इन्हें पकड़ने में नाकामयाब रही । बाद में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की सायबर सेल के इंस्पेक्टर जगदीश के पास यह जांच आई । इंस्पेक्टर जगदीश ने सब इंस्पेक्टर पवन यादव, सब इंस्पेक्टर कमलेश ओर हवलदार सुरेश के साथ इस केस पर काम शुरू कर दिया । सब इंस्पेक्टर पवन यादव ने बारीकी से जांच करते हुए इस फ़र्ज़ी कॉल सेंटर के कई राज खोले जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर और चिंताजनक थे इसके बाद 7 महीने से फरार इस कॉल सेंटर के मुख्य आरोपी इरफान उर्फ रज्जी इसके अन्य साथी जुल्फिकार, इरफान को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया ।

पूछताछ से चौकाने वाला खुलासा हुआ । रज्जी ने वोडाफोन के डिस्मेंटल सर्वर खरीद लिए थे । उनको रिपेयर करके दोबारा इंस्टालेशन करके चालू कर दिया । रज्जी ने हौज काज़ी वाले कॉल सेंटर की भी इंस्टॉलेशन की थी । देश में भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने का काम विदेशों में बैठे हैंडलर कर रहे हैं । यह लोग कुवैत, पाकिस्तान और मुस्लिम देशों में बैठे बैठ कर काम कर रहे हैं । वे हैंडलर हवाला के जरिये कॉल सेंटर चलाने वालों के लिए रकम भेजते थे ।
केरल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, यूपी एटीएस हैदराबाद पुलिस ने ऐसे VOIP voice over internet protocol) कॉल्स के सेंटर पकड़े थे जिसका इस्तेमाल भारत में बैठे स्लीपर सेल के लोगों को भारत विरोधी गतिविधियों को फैलाने का काम किया जा रहा था ।

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट डीसीपी स्वेता चौहान का कहना है कि रोजाना 1 से 1.5 करोड़ रुपये का चूना सरकार को लग रहा था । इन लोगों को कॉल सेंटर चलाते हुए तकरीबन 50 से ज्यादा दिन हो गए थे ।
सूत्रों के हवाले से पता चला है की रज्जी ने उत्तर भारत में कई स्थानों पर भी इस तरह के कॉल सेंटर का इंस्टालेशन किया हुआ है। हमारे सूत्र बताते है की इस तरह के कॉल सेंटर बिना टेलीकॉम कंपनी के मिलिभगत के नहीं चल सकते, जो आपके मुनाफे के लिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है । यूपी एटीएस, महाराष्ट्र एटीएस और अपराध शाखा, हैदराबाद पुलिस, तेलंगाना पुलिस, कर्नाटक और केरल पुलिस ने भी ऐसे VOIP कॉल्स के सेन्टर पकड़े थे।


