
नई दिल्ली : जब पुलिस सीमाओं की परिधि से थोड़ा बाहर निकलकर मदद की आस लगाने वाले लोगों को एहमियत देती है तो दिल्ली पुलिस वाकई दिल की पुलिस कहलाती है ।
आज सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री B.B. Gurung ( राजपरिवार) के बेटे उज्ज्वल गुरुंग है । साकेत से निजामुद्दीन आये एक्यूप्रेशर सैशन में । उनका iphone उसी uber टैक्सी में रह गया जिससे वह आये थे। उन्होंने Uber ड्राइवर को कॉल करके अपने फोन को गाड़ी में छूट जाने के बारे में बताया । ड्राइवर ने फ़ोन गाड़ी में होने के बारे में साफ इंकार कर दिया । उज्ववल गुरुंग ने अपनी पत्नी सुधा गुरंग को कॉल करके सारी जानकारी दी। सुधा गुरुंग इत्तफ़ाक से उस वक्त सेंट्रल डिस्ट्रक्ट में आई हुई थी । उज्ज्वल का iphone सुधा गुरुंग के टैब से अटैच था, उसने अपने टैब के i cloud पर उस फोन की अंतिम लोकेशन चैक की तो वह सफदरजंग आई । सुधा ने अपने आस पास गूगल पर सबसे करीबी पुलिस स्टेशन सर्च किया तो सबसे करीब कमला मार्किट पुलिस स्टेशन मिला ।

सुधा गुरुंग का सामना थाने के गेट पर ही थाना प्रभारी सुरेंदर दलाल से हो गया । थाना प्रभारी ने सारी घटना की जानकारी लेकर थाने की सीमाओं को दरकिनार कर तुरंत कार्यवाही शुरू कर दी ।

उन्होंने थाने के साइबर एक्सपर्ट हवलदार संदीप चावला को इस मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई । हवलदार संदीप ने कैब चालक को फोन पर फोन के बारे में पूछा तो उसने इनकार कर दिया । इसके बाद इस हवलदार ने कैब चालक से लगातार संपर्क बनाये रखा । तकरीबन एक घंटे की मेहनत के बाद अपनी चतुराई और सूझबूझ से कैब चालक से मोबाइल उसकी कैब में होने की बात स्वीकार करवा ली ।
इसके बाद SHO कमला मार्किट ने ड्राईवर को सफदरजंग थाने में मोबाइल सहित पहुंचने का निर्देश दिया। सुधा गुरुंग भी सफदरजंग थाने पहुंच गई । कैब चालाक ने iphone सुधा को सौंप दिया ।
इस तरह पुलिस ने पुराने अंदाज से बाहर निकल कर पब्लिक सेवाओं को प्रथमिकता देना शुरू कर दिया है ।


