
नई दिल्ली : अभी तक आप लोगों ने ठगों और उनके कारनामों के बारे में सुना होगा I हम आपको `ठक ठक’ के बारे में अवगत करवाते हैं कि यह क्या है और इसके अपराधी कैसे काम करते हैं I `ठक ठक’ शब्द भी ठगी का दूसरा रूप है, इस नए ठक ठक अपराध में गैंग के लोगों को चंद सैंकड का समय मिलता है वारदात को अंजाम देने के लिए I
`ठक ठक’ अपराध के अपराधी ज्यादातर कारों को निशाना बनाते हैं I कारों के बाहर नोट डालकर जाल फैलाते हैं इसके बाद जैसे ही कार में बैठा शख्स लालच में कार के बाहर पड़े नोटों को देखकर उठाने के लिए कार का दरवाजा खोल कर बाहर आता है इस गैंग का एक सदस्य पीछे से कार में रखा सारा समान उड़ा ले जाता है I कई बार चलती कार या लाल बत्ती पर खड़ी कार के मालिक को कार पंचर बताते हैं, कार पंचर देखने के लिए जैसे ही कार मालिक उतरता है बड़ी सफाई से उसकी कार का सामान ले उड़ते हैं I
इस खबर को लिखने का हमारा मकसद यही है कि आप इस तरह के ठगों से सावधानी बरतें तथा जब इस तरह का वाक्या सामने आये तो इनके जाल में फंसने से बचें I
सेंट्रल दिल्ली की स्पेशल स्टाफ पुलिस ने `ठक ठक’ ठगी करने वाले गैंग के एक सदस्य को पकड़ा है I ऑपरेशन सेल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के एसीपी नरेश कुमार यादव तथा इस्पेक्टर ललित कुमार ने डिस्ट्रिक्ट में हो रही ठक ठक गैंग की वारदातों के मद्दे नज़र बदमाशों को पकडने के लिए टीम बनाई जिसमे सब इस्पेक्टर नरेश कुमार,सिपाही प्रवीण, सिपाही अतुल को शामिल किया गया I एक सप्ताह की मशक्कत के बाद पुलिस टीम को सूचना मिली की ठक ठक गैंग का एक बदमाश मेरठ उतर प्रदेश से दिल्ली आ रहा है I पुलिस ने कमला मार्किट मिंटों रोड के बस स्टेण्ड पर जाल बिछा लिया I यह बदमाश जैसे ही वहां आया मुखबिर की निशान देही पर वसीम को हिरासत ले लिया गया I
पुलिस की पूछताछ में वसीम ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया की अपने एक साथी सफीक के साथ मिलकर ठक ठक की वारदातों के के अलावा वाहन चोरी, स्नैचिंग किया करते थे I वसीम मेरठ का रहने वाला है दिल्ली में अपराध करके वापिस मेरठ चला जाता था, वसीम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राजिंदर नगर, आई पी स्टेट ओर कमला मार्किट इलाके में किये गए सात मामलों का खुलासा किया है I पुलिस ने इसके पास से चोरी के वाहन, मोबाइल बरामद किये हैं I



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