

नई दिल्ली : देशभर में कोरोना त्रासदी से हाहाकार मचा हुआ है I सरकार का हर महकमा डाक्टर, पुलिस, शिक्षक, सफाई कर्मचारी सभी अपनी जान जोखिम में डालकर अपना फर्ज निभा रहे हैं I आज देश इनको सेल्यूट कर रहा है इनका फूलों से स्वागत कर रहा है I इस संकट के वक्त कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इनका हौसला अफजाई करने की बजाय उल्टा उनके खिलाफ झूठे आरोप लगा कर अदालतों में घसीटने का काम करते हैं I
ऐसा ही एक मामला सेंट्रल दिल्ली के चांदनी महल थाने का है I एक गैर सरकारी समाजिक संस्था को पुलिस पर झूठे आरोप लगा कर बेवजाह परेशान करने पर हाई कोर्ट ने फटकार लगाते हुए जुर्माने के तौर दस हजार के दंड का फैसला सुनाया है I
लॉक डाउन के दौरान चांदनी महल इलाके में भारी तायदाद में जमाती मिलने के बाद 10 अप्रेल को इलाके को सील कर दिया गया I इसके बाद इलाके में पुलिस ने कड़ाई से आने जाने वालों पर पाबन्दी लगा दी I आने जाने वालों को पुलिस रोक कर पूछताछ करती थी I उसी दौरान सिविल वेलफेयर एंड डवलपमेंट ट्रस्ट नाम की एक NGO ने 6 अप्रेल को हाई कोर्ट में एक रिट लगाई की राशन बांटने के नाम पर तकरीबन 9 मूवमेंट पास चाहिए जो जिला मजिस्ट्रेड दे अथवा जिला पुलिस उपयुक्त दे I पुलिस ने तो पास दिए नही मगर इस NGO ने इलाके के DM आफिस को हाई कोर्ट की रिट पटीशन की कॉपी दिखा कर 8 अप्रेल को तकरीबन 9 पास इश्यू करवा लिए I चाँदनी महल इलाके से ले जाए गए 52 जमातियों को कोरोना पॉज़िटिव पाया गया जिससे इलाके में सनसनी फैल गई I इसी घटना के मद्दे नजर 10 अप्रेल को चांदनी महल इलाके को सील कर दिया गया I
सिविल वेलफेयर एंड डवलपमेंट ट्रस्ट के नाम पर बने पासों का दुरुपयोग करने लगे I राशन बांटने के नाम पर तफरीह करने निकलते थे I इन पासों पर किसी का फ़ोटो नही लगा था इसलिए NGO के नाम से इन पासों का इस्तेमाल दूसरे लोग भी धड़ल्ले से कर रहे थे I
देशभर में कोरोना त्रासदी से हाहाकार मचा हुआ है I सरकार का हर महकमा डाक्टर, पुलिस, शिक्षक, सफाई कर्मचारी सभी अपनी जान जोखिम में डालकर अपना फर्ज निभा रहे हैं I आज देश इनको सेल्यूट कर रहा है इनका फूलों से स्वागत कर रहा है I इस संकट के वक्त कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इनका हौसला अफजाई करने की बजाय उल्टा उनके खिलाफ झूठे आरोप लगा कर अदालतों में घसीटने का काम करते हैं I
ऐसा ही एक मामला सेंट्रल दिल्ली के चांदनी महल थाने का है I एक गैर सरकारी समाजिक संस्था को पुलिस पर झूठे आरोप लगा कर बेवजाह परेशान करने पर हाई कोर्ट ने फटकार लगाते हुए जुर्माने के तौर दस हजार के दंड का फैसला सुनाया है I
लॉक डाउन के दौरान चांदनी महल इलाके में भारी तायदाद में जमाती मिलने के बाद 10 अप्रेल को इलाके को सील कर दिया गया I इसके बाद इलाके में पुलिस ने कड़ाई से आने जाने वालों पर पाबन्दी लगा दी I आने जाने वालों को पुलिस रोक कर पूछताछ करती थी I उसी दौरान सिविल वेलफेयर एंड डवलपमेंट ट्रस्ट नाम की एक NGO ने 6 अप्रेल को हाई कोर्ट में एक रिट लगाई की राशन बांटने के नाम पर तकरीबन 9 मूवमेंट पास चाहिए जो जिला मजिस्ट्रेड दे अथवा जिला पुलिस उपयुक्त दे I पुलिस ने तो पास दिए नही मगर इस NGO ने इलाके के DM आफिस को हाई कोर्ट की रिट पटीशन की कॉपी दिखा कर 8 अप्रेल को तकरीबन 9 पास इश्यू करवा लिए I चाँदनी महल इलाके से ले जाए गए 52 जमातियों को कोरोना पॉज़िटिव पाया गया जिससे इलाके में सनसनी फैल गई I इसी घटना के मद्दे नजर 10 अप्रेल को चांदनी महल इलाके को सील कर दिया गया I
I इस NGO के नाम पर बने पास वालों की ज्यादा आवाजाही देखी तो पुलिस ने इनको मना किया I यह बात इस NGO के लोगों को नागवार लगी I इन्होंने पुलिस के रोकने को आधार बनाकर जिले के डीएम और डीसीपी के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी I मगर माननीय सुप्रीम कोर्ट के आगे पुलिस ने सारे तथ्य रखे जिसके आधार पर उच्च न्यायलय ने NGO पर Contempt लगाते हुए याचिका को खारिज कर दिया ओर हुए उल्टा दण्ड स्वरूप 10 हजार रुपये जुर्माना प्रधान मंत्री राहत कोष में भरने का आदेश दिया
उच्च न्यायालय का यह फैसला उन लोगों के लिए सबक है जो देश के लोगों की जिंदगी बचाने के लिए ड्यूटी दे रहे सरकारी कर्मचारियों को बाधा पहुँचाते हैं ओर अदालतों का इस्तेमाल बदले की भावना से करते हैं




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