
नई दिल्ली : अक्सर अब पुलिस के पास ऐसे मामले लगातार आ रहे हैं जिनमें कारोबारियों के वफादार कर्मचारी अपने मालिकों के लिए दगाबाज़ साबित हो रहे हैं । सेंट्रल दिल्ली में कुछ दिन पहले स्पेशल स्टाफ ने एक कागज व्यापारी के शालीमार बाग से 50 लाख रुपये चुराने वाले सबसे भरोसेमंद नोकर को गुजरात से गिरफ्तार किया था ।
ऐसा ही एक और मामला सेंट्रल दिल्ली में आया है जिसमें एक वफादार कर्मचारी ने अपने मालिक की तिजोरी में 2.25 लाख से की सेंधमारी करवा डाली ।
थाना हौजकाजी में 16 सितम्बर को एक कारोबारी ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई , उसकी दुकान की तिजोरी से 2 लाख 25 हजार की नकदी चोरी की गई है गनीमत यह रही कि चोरी करने वाले कि तस्वीरें दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी ।
एसीपी अनिल कुमार तथा थाना इंचार्ज प्रह्लाद यादव ने सीसीटीवी की तस्वीरों का खुद मुआयना किया और सेंधमार को पकड़ने के लिए रोदग्रान चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर राजकुमार, एएसआई युगवीर को इस केस की तफ्तीश करने के निर्देश दिए ।

दो लोगों की इस टीम ने सीसीटीवी की मदद से सेंधमार की तस्वीरों को इलाके में दिखाया साथ ही वाट्सऐप से इसे आस पास के लोगों को वायरल कर दिया । इसके परिणाम स्वरूप पुलिस को पता चला कि इस सेंधमार का नाम राजू है और उत्तराखण्ड के हल्द्वानी का रहने वाला है । पुलिस को इसके बारे में यह भी पता चला कि इसको नशे की लत है जिसके लिए यह चोरियाँ करता है ।
राजू को पकड़ने के लिए सब इंस्पेक्टर इनाम, एएसआई अनुज, हवलदार वीरेन्द्र, सिपाही अजित को हल्द्वानी उत्तराखंड भेजा गया । जब राजू के पते पर पुलिस पहुंची तो वहां सफलता नही मिली और पुलिस खाली हाँथ दिल्ली आ गई ।
सब इंपेक्टर राजकुमार ने अपने मुखबिरों को इलाके के आसपास राजू की तलाश में लगाया हुआ था । पुलिस को लग रहा था कि इतनी बड़ी रकम लेकर राजू दिल्ली छोड़ चुका होगा किंतु पुलिस को राजू हौजकाजी में ही मिल गया और पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो राजू ने भेद खोल दिया ।
राजू ने बताया कि दुकान पर काम करने वाले मुकेश नाम के कर्मचारी ने तिजोरी में रखे पैसों के साथ साथ दुकान के अंदर आने के रास्ते की जानकारी थी । राजू के बयान पर मुकेश को भी गिरफ्तार कर लिया गया । इनके पास से चोरी की हुई तकरीबन सवा लाख की रकम और एक मंहगा फोन बरामद हुआ । दोनों आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए हैं ।



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