
नई दिल्ली : दिल्ली में भोले भाले यात्रियों को अपनी ठगी के जाल में फसाने वाले ठग दिलावर खान को सेंट्रल दिल्ली में उसके साथी मुन्ना के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है । यह ठग इतना शातिर है कि इसने सैंकड़ों लोगों को ठगा है मगर आज तक इसकी कोई शिकायत और पहचान तक नही हो पाई है ।

यह ठग 18 सितम्बर को हौजकाजी इलाके में एक ठगी की वारदात को अंजाम देने के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया । हौजकज़ी थाना इंचार्ज प्रह्लाद यादव ने इलाका गश्त के लिए शाम 6 बजे का वक्त तमाम थाना स्टाफ के लिए मुक़र्रर किया हुआ है । कल शाम के वक्त हिम्मतगढ़ चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर ठाकुर सिंह अपने सिपाही अश्विनी के साथ गश्त पर निकले । एक लड़का किसी के पीछे ‘पकड़ो पकड़ो’ चिल्लाता हुआ भाग रहा था । ठाकुर सिंह और सियाही अश्विनी ने दौड़ते हुए आगे भागते व्यक्ति को पकड़ लिया, यह व्यक्ति एक बैग लेकर भाग रहा था ।

पुलिस को पूछताछ से पता चला कि जिस को पकड़ा है वह मुन्ना नाम का ठग है जो दिलावर खान का साथी है । यह एक यात्री को झांसा देकर उसका बैग लेकर भाग रहा था ।
शिकायतकर्ता पांडव चौधरी ने बताया कि वह खगड़िया बिहार से सिकंदराबाद तेलंगाना जाने के लिए बस अड्डे पर उतरा और वहां से नई दिल्ली स्टेशन जाने के लिए ऑटो में बैठा गया था, उसी ऑटो रिक्शा में 2 लोग आकर बैठ गए जिसमें एक ने काला कोट पहन रखा था, उसने कहा वह रेलवे का टीटी है और सिकन्दराबाद जाने वाली ट्रेन कई घण्टे देरी से चलेगी, जब तक तुम मेरे कमरे में आराम कर लेना । पांडव चौधरी ने उसकी बात पर यकीन कर लिया और उसके कहे अनुसार साथ चल दिया । यह दोनों व्यक्ति उसे अपने कमरे का बहाना कर सीताराम आर्यसमाज गली में ले आये इसके बाद एक व्यक्ति ने कहा कोरोना फैला हुआ है इसलिये टीटी साहब के कमरे में बैग ले जाना मना है इसलिए यह बैग में दूसरे कमरे में रख देता हूँ । पांडव चौधरी ने उसे बैग दे दिया और काले कोट पहने टीटी के साथ चल दिया । उसने जब पीछे मुड़कर देखा जिसको बैग सौंपा था वह बैग लेकर भाग रहा था । पांडव चौधरी शोर मचाता हुआ उसके दौड़ा । आगे गश्त के दौरान सब इंस्पेक्टर और सिपाही ने बैग लेकर भागते हुए व्यक्ति को पकड़ लिया । इसका नाम मुन्ना है जो बिहार का रहने वाला है । मुन्ना की निशानदेही पर दिलावर खान को नार्थ ईस्ट दिल्ली के उस्मानपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया ।

डीसीपी सेंट्रल संजय भाटिया ने बताया कि उनके निशाने पर गांव के भोले भाले यात्री होते थे । यह उन यात्रियों को ढूंढते थे जो बस अड्डे से रेलवे स्टेशन के तरफ जाते थे । उनको काले कोट में अपने को टीटी बताकर झांसा देते थे फिर जाल में फंसाकर उनका सामान लेकर चम्पत हो जाते थे । कई बार टीटी समझकर लोग अपना सामान इनके पास छोड़ कर टिकट लेने चले जाते थे और यह पीछे से उनका सामान लेकर चंपत हो जाते थे । यह ठग पुलिस के कभी हाँथ नही आये न ही सेंट्रल दिल्ली इलाके में इनका कोई ठिकाना था । अभी पुलिस दिलावर खान और मुन्ना द्वारा ठगी के मामलों की तहकीकात में लगी है



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