

नई दिल्ली : सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट में दरियागंज पुलिस ने दो ऐसे चोरों को पकड़ा है जो उम्र से अधेड़ हैं। उम्र 50 से ऊपर की है मगर चोरी करने में किसी जवान चोर को भी मात देते हैं। ये दोनों दिल्ली -6 के नामी और पुराने सेंधमार हैं तथा पुरानी दिल्ली के इलाके में सैंकड़ों चोरियों को अंजाम दे चुके हैं। इनके पास से तक़रीबन 10 लाख रूपये कीमत का चोरी किया हुआ सामान बरामद हुआ है ।
कुछ दिनों पहले दारिया गंज, कूचा चेलान इलाके में सोने के गहनों और घर के सामान के चोरी की शिकायत दर्ज करवाई गई थी। दरियागंज थाना इंचार्ज राकेश शर्मा ने सब इंस्पेक्टर रविंदर, PSI विनीत पूनिया, हैडकांस्टेबल विनोद कुमार, सिपाही जमील, सिपाही संजीव की टीम बना कर इस चोरी के मामले की तफ्तीश सौंपी।
पुलिस टीम ने इलाके के सीसीटीवी कैमरे जाँचने शुरू किये। कैमरे की तस्वीरों में दो चोर दिखाई दिए जिसमें दोनों ने मास्क लगाया हुआ था मगर एक चोर ने टोपी लगाई हुई थी। इन दोनों को देखकर पुलिस ने अपने दर्ज रिकॉर्ड में चोरों की फोटो से मिलान किया उसमें अनवर अली नाम के एक चोर की पहचान हो गई। अनवर अली को पुलिस ने दरियागंज इलाके से हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। इसने यह भी कबूल लिया की वारदात के वक्त मुकेश उसके साथ रहता है और दोनों मिलकर इकठ्ठे चोरियां करते हैं। पुलिस ने अनवर से मुकेश के बारे में सारी जानकारी लेकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
इनके पास से पुलिस को बड़ी तायदाद में चोरी के वक्त इस्तेमाल होने वाले औजार मिले हैं , इन औजारों से मिनटों में ताले काट देते थे। चोरी के वक्त एक घर के अंदर घुसता था और दूसरा बाहर पहरेदारी देता था। इनके पास से भारी तायदाद में चोरी किया हुआ सामान बरामद हुआ है जिसकी कीमत करीब 10 लाख आंकी गई है।

आरोपी अनवर आज से 25 साल पहले दर्जी का काम किया करता था। इसके बाद इसने चोरी के पेशे को अपना लिया और शातिर चोर बन गया। यह पहले भी चोरी के 15 मामलों में सजा भुगत चुका है। अनवर का साथी मुकेश 30 साल पहले उत्तर प्रदेश के रामपुर से दिल्ली आया था। यह पहले किसी निजी कम्पनी में काम करता था। इसके बाद यह 2006 में अनवर अली के सम्पर्क में आया और उसके साथ सेंधमारी करने लगा। इन दोनों चोरों की गिरफ्तारी से इलाके की 5 चोरियों का भी खुलासा हो गया गया।



Comments