
नई दिल्ली : जिससे प्यार किया फिर शादी की बाद में उसकी हत्या का कांट्रेक्ट भाड़े के बदमाशों को दे दिया । यह कहानी एक टेटू आर्टिस्ट की है जो अपनी पत्नी के चले जाने पर उससे इंतकाम की आग में जलने लगा और उसकी हत्या का षड्यंत्र रच डाला ।
सेन्ट्रल दिल्ली की पटेल नगर थाना तथा स्पेशल स्टाफ की टीम एक महिला की हत्या होने से पहले रचे गए षड्यंत्र का पर्दाफाश करने में कामयाबी हासिल की है । पुलिस ने इस मामले में सुपारी किलर्स रामदेव, गुड्डू , अक्षय नाम के बदमाशों के साथ इनकी साथी तासी नाम की महिला को भी गिरफ्तार किया है । इनके साथ टैटू आर्टिस्ट विशाल को भी गिरफ्तार किया है जिसने अपनी पत्नी को मारने के लिए इनको सुपारी दी थी ।

10 जुलाई को पटेल नगर इलाके में लक्ष्य नाम के व्यक्ति पर कुछ लोग गोली चला कर फरार हो गए थे । यह सारी घटना एक CCTV कैमरे में कैद हो गई थी । सेन्ट्रल डिस्ट्रीक्ट डीसीपी संजय भाटिया, ने इस वारदात को अंजाम देने वाले लोगों को पकड़ने के लिए अनुभवी थाना इंचार्ज रमेश लाम्बा औऱ स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर ललित कुमार को जांच सौंपी, पुलिस टीम ने इस वारदात के हर ऐंगल की जांच शुरू कर दी ।


पुलिस की एक टीम टैक्निकल सर्वलान्स पर लगा दी गई तथा दूरी टीम घटना के सबूत इकठ्ठा करने में जुट गई । दोनों इंस्पेक्टर्स ने पीड़ित लक्षय से पूछताछ कर काफी हद तक केस की कड़ी के सबूत जुटा लिए । लक्षय ने पुलिस को बताया उसकी बहन सलौनी एक मॉडलिंग आर्टिस्ट थी उसने विशाल शर्मा नाम के टेटू आर्टिस्ट से लव मैरिज की थी इन दोनों की एक बेटी हुई जिसकी आज उम्र 3 साल है । कुछ दिनों बाद विशाल और सलौनी में आपसी झगड़े होने लगे, विशाल सलौनी के चरित्र पर शक करता था । इस झगड़े के चलते सलौनी विशाल औऱ अपनी बेटी को छोड़ कर चली गई । कुछ दिनों बाद विशाल को पता चला सलौनी किसी दूसरे शख्स के साथ रह रही है । इस दौरान विशाल ने कई बार सलौनी से सम्पर्क की कोशिश की मगर उसके पास उसका नम्बर नही था । इसके बाद विशाल ने सलौनी के एक दोस्त से सम्पर्क किया और उससे सलौनी को गोली मारने की धमकी दे डाली ।

लक्ष्य की बताई जानकारी के बाद स्पेशल स्टाफ की टीम ने विशाल पर फोकस किया और उसकी कॉल डिटेल निकाली । उसमें तथा cctv कैमरे की फुटेज में वारदात करने वालों की तस्वीरों को निकाला गया, हर पहलू से जांच करने पर पता लगा कि इस महीने की 10 तारीख को पटेल नगर में सलौनी के भाई लक्ष्य पर गोली चलाकर हत्या का प्रयास किया गया उसमें विशाल की भूमिका पर संदेह गहरा गया ।

पुलिस ने विशाल की तलाश शुरू कर दी । विशाल के परिवार वालों से पूछताछ के दौरान उसकी माँ के मोबाइल को कब्जे में लेकर उसकी जांच की गई । उसमें पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से रकम निकालने की डिटेल आई क्योंकि विशाल अपनी मां का एटीएम इस्तेमाल कर रहा था । पुलिस ने एटीएम की लोकेशन से विशाल की लोकेशन को सर्च करना शुरू कर दिया । विशाल के बार बार ATM इस्तेमाल करने से पुलिस उसके करीब पहुंचती गई । पुलिस की मोबाइल सर्वलान्स की टीम ने विशाल की लोकेशन ट्रेक करके द्वारका के सेक्टर 9, होटल रॉयल ऑर्बिट में छापामार कर एक कमरे से विशाल, तासी, और रामदेव को गिरफ्तार कर लिया ।
विशाल की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ शुरू की तो विशाल ने सारा भेद खोल दिया, उसने बताया की, सलौनी ने शादी पैसा ऐंठने के मकसद से की थी और उसने उसकी बहुत सी रकम उसके पास है । इसके बाद जब सलौनी ने कोई तवज्जो नही दी और अपनी बेटी के लिए संरक्षण की मांग कर दी तो विशाल ने बदला लेने की ठानी इसके लिए उसने तीन सुपारी किलर के साथ षड्यंत्र रचा । इन्होंने 10 जुलाई को सलौनी के भाई पर गोली चलकर जानलेवा हमला किया, इस हमले में अक्षय बच गया, विशाल की योजना के अनुसार अक्षय जब उनकी फायरिंग से घायल हो जाएगा तो उसे देखने सलौनी जैसे ही अस्पताल आएगी उस वक्त सलौनी की हत्या कर दी जाएगी ।
पुलिस को जांच से पता चला है कि यह खूँखार सुपारी किलर गैंग है इसमें महिला सदस्य तासी भी शामिल है, जो पैसे के लिए किसी की भी हत्या कर सकते हैं । 19 मई 2020 को 4 लाख रुपये उघाई के लिए मंगोलपुरी में तासी और इन तीनों ने मिलकर एक घर सरेआम गोली चलाई थी जो cctv कैमरे में कैद हो गई थी । इसके बाद फायरिंग की दूसरी वारदात को फिर मंगोलपुरी में अंजाम देकर फरार हो गए थे ।
मंगोल पूरी में फायरिंग करके भागते तासी (महिला), अक्षय, गुड्डू, रामदेव
पुलिस टीम ने तीनों की गिरफ्तारी के बाद गुड्डू, अक्षय को दिल्ली के उत्तम नगर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से 2 पिस्टल 5 मैगजीन, 5 मोबाइल, वारदात के वक्त इस्तेमाल की जाने वाली बाइक, स्विफ्ट कार, बारमद की है ।
यह सुपारी किलर वारदात को अंजाम देने के बाद अपने गुनाहों की माफी मांगने पीर की दरगाह पंजाब जरूर जाते थे ।

सुपारी किलर गैंग को गिरफ्तार करने वाले पुलिस स्टाफ को बधाई देते स्पेशल सीपी सतीश गोलचा, ज्वाइंट सीपी देवाशीष चौधरी, डीसीपी सेन्ट्रल संजय भाटिया ।
इस तरह पुलिस ने वक्त रहते एक महिला की हत्या होने से पहले उसको बचा लिया है ।



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