घटना का सीसीटीवीP
एक ने कहा पुलिस न होती तो पति मार दिया जाता । दूसरी ने कहा पुलिस ने मेरे भाई को मौत के मुंह से बचा लिया

सेंट्रल दिल्ली : 25 सितम्बर सेंट्रल दिल्ली के आनंद पर्वत पर रात 9 :30 एक खाने के ढाबे पर दो युवकों पर आधा दर्जन ढाबे में काम करने वाले लड़कों ने जानलेवा हमला कर दिया था । यह विवाद खाने की देरी को लेकर हुआ था यह विवाद इतना बढ़ गया कि नोबत मरने मारने पर आ गई । जिस वक्त यह खूनी जंग हो रही थी उसी वक्त हवलदार दामोदर और सिपाही विजय ने चाकू, लोहे की रॉड और कडछों से लैस आधा दर्जन हमलावरों के बीच में घुसकर दोनों को बचाया और तुरंत अस्पताल रवाना करवाया ।

यह सारी घटना वहां लगे एक सीसीटीवी में भी कैद हो गई । इन सीसीटीवी की तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि दिल्ली पुलिस के यह जवान इन मार पीट करने वालों से कैसे निपट रहे हैं ।

रात में गश्त के दौरान अचानक दोनों पुलिस कर्मी गली नम्बर 2 में एक ढाबे के पास पहुंचे वहां दो युवकों को घेर कर कुछ लोग बेदर्दी से मार रहे थे । दोनों हथियारों से लैस करीब आधा दर्ज लोगों को काबू करने में जुट गए । दमोदर ने उस वक्त किसी तरह अपने डंडे के सहारे गौरव ओर प्रेम सागर नाम के व्यक्तियों को हमलावरों के चुंगल से बचाया । इसके बाद दोनों ने भागते हुए इन हमलावरों में से दो को पकड़ लिया । बुरी तरह घायल गौरव ओर प्रेम सागर को अस्पताल के लिए रवाना किया । गौरव के सिर पर गंभीर चोट आई है और प्रेम सागर को चाकू से जख्मी किया गया था ।

गौरव की पत्नी व बहन पुलिस की प्रसंशा ओर आभार व्यक्त करते हुए कह रही हैं यदि दोनों पुलिसकर्मियों ने साहस नहो दिखाया होता तो यह दोनों को मार डालते ।
डीसीपी सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट संजय भाटिया का कहना है कि मौके पर पुलिस वक्त रहते पहुंच गई और दो जवानों ने इतने हथियारबंद लोगों के बीच घुसकर निडरता से दो आरोपियों को पकड़ लिया । जहां पर हमलवर भीड़ बेकाबू होकर जान लेने का प्रयास कर रही हो उस वक्त इन दो पुलिसकर्मियों की जान को भी जोखिम था । मगर इन दोनों ने जान दांव पर लगा कर इस घटना को काबू किया ।
पुलिस आकाश और नीलेश की गिरफ्तारी के बाद बाकी के आरोपियों की तलाश में लगी हुई है ।



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