नई दिल्ली : सेंट्रल दिल्ली : उत्तर प्रदेश में जुर्म करने वाले इतने पुलिस प्रशासन से इतने खौफ जदा हैं कि कभी गले में तख्ती डाल कर थाने में आत्मसमर्पण कर रहे हैं, तो कोई अपना ठिकाना दूसरे राज्यों में बना रहकर बैखोफ अपराध कर रहे हैं । यदि बात दिल्ली की जाए तो दिल्ली में अपराधों का आंकड़ा 2020 में 2.66 लाख और 2021 में 3.6 दिखा रहा है । पिछले साल की अपेक्षा 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है ।
सेंट्रल दिल्ली जिला AATS की टीम ने उत्तर प्रदेश के सलमान त्यागी और सद्दाम गौरी गैंग के बदमाशों को पकड़ा है । सद्दाम गौरी और सलमान त्यागी यूपी गैंगस्टर्स की लिस्ट में दो नाम हैं । यह दोनों सट्टा किंग के नाम से मशहूर हैं जो सट्टा चलाने वालों से रंगदारी वसूलते हैं । फिलहाल यह दोनों जेल के अंदर हैं । पकड़े हुए बदमाशों के नाम मोहम्मद मुस्तकीम और मेहंदी हसन है । यह सद्दाम गौरी और सलमान त्यागी के लिए बाहर के आपराधिक काम देखते हैं ।
मोहम्मद मुस्तकीम और मेहंदी हसन के दो साथी सुलतान और सावैज ने मिलकर 8 मई की रात राजेन्दर नगर के मोबाइल कारोबारी को पिस्टल की नोक पर लूट लिया था । लूट की सारी वारदात एक सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी । वीडियो में चारों बदमाश मुस्तकीम, सुलतान, मेंहदी हसन और सावेज हथियारों से लैस होकर नितिन धवन को घेर कर लिया । नितिन दुकान के बाहर अपने दोस्तों के साथ बातचीत कर रहे थे । वारदात के वक्त सभी बदमाशों ने गन ले रखी थी और वहां खड़े सभी लोगों को घेर कर नितिन धवन से तकरीबन 12 लाख की लूट करके सैवरलेट कार में बैठकर फरार हो गए ।इस वारदात की वीडियो सोशल मीडिया और ट्विटर हैंडल से राजनैतिक लोगों ने दिल्ली कानून व्यवथा को लेकर जब दिल्ली पुलिस पर टिप्पणी की तो पुलिस के आला अधिकारी कार्यवाही के लिए हरकत में आ गए ।
लूट की लाइव CCTV
दिल्ली के कमिश्नर राकेश अस्थाना ने पीड़ित से स्वयं फोन पर बात करके सारे वाकैये की जानकारी ली ।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच, स्पेशल स्टाफ जैसी एजेंसियों को इन अपराधियों को पकड़ने के लिए निर्देश दे दिए गए थे । सेंट्रल दिल्ली की स्पेशल स्टाफ की टीम इस लूट के आरोपियों की खोज में लगी हुई थी इसके साथ साथ AATS की टीम को भी इस लूट पर काम करने की जिम्मेदारी दी गई । AATS की कमान संभालने वाले सब इंस्पेक्टर संदीप गोधारा के लिए इस वारदात की जांच करना एक चुनौती थी । सब इंस्पैक्टर संदीप गोधारा को पूरी दिल्ली में ऑटो लिफ्टिंग गैंग क्रैक करने में महारथ हासिल है । कुछ दिन पहले AATS ने ऐसा गैंग पकड़ा जो अब तक दिल्ली से 500 कारें चोरी कर चुका था और अभी तक किसी के हांथ नही आया ।
AATS की टीम तैयार की गई जो राजिंदर नगर लूट की वारदात की तफ्तीश में जुट गई । सब इंस्पेक्टर माजिद खान, सब इंस्पेक्टर रवि शंकर, ए एस आई अजय, ए एस आई उमेद, ए एस आई कंवरपाल, ए एस आई परवीन, ए एस आई लुकमान, हवलदारों की टीम में विनोद, शेखर, निर्मल, सुरेंद्र, प्रवीण, अतुल, संदीप, धीरज, राजेश को शामिल किया गया ।
पुलिस ने वारदात के इनके फरार होने की दिशा पर काम करना शुरू किया। इसके लिए 60-65 कैमरों का मुआयना किया गया। राजेंदर नगर से जो सड़कें लिंक हैं उनकी दो दिन पहले की तस्वीरों को खंगाला गया। एक विडीयो में एक शैवरलेट कार धौला कुंआ तक पहुंची और दिल्ली कैंट से कार पंखा रोड की तरफ बढ़ गई। यह कार डाबड़ी की तरफ मुड़ी इसके बाद दिखनी बंद हो गई।
जाँच में जुटी AATS की टीम ने गूगल सैटेलाइट मैप की मदद से डाबड़ी के इलाके को चिन्हित कर लिया। सेंट्रल दिल्ली के स्पेशल स्टाफ की टीम की भी मदद लेकर संयुक्त तौर से 20 लोगों को कार की तालाश में आसपास फैला दिया गया। सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट की दोनों जांच यूनिट 16 घंटे लगातार कार की खोज में लगी रही। जहाँ से कैमरे में कार दिखनी बंद हो गई थी वहाँ से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर नाले के पास छुपा कर खड़ी की हुई थी।
पुलिस स्टाफ पहली सफलता मिलने के`बाद उत्साहित हुआ और इसके बाद उस कार के आसपास नाकाबंदी कर दी गई। पांच घंटे इन्तजार के बाद बदमाश वारदात में इस्तेमाल कार को लेकर चल पड़े। AATS टीम ने इनका पीछा करना शुरू कर दिया। बदमाशों की कार उत्तम नगर ट्रैफिक लाल बत्ती होने के चलते रुक गई। इनकी कार के शीशे खुले थे। AATS का स्टाफ ने तेजी से कार्यवाही करते हुए इन बदमाशों की कार के दाएं ओर बाएं तरफ के दरवाजे खोलकर धावा बोल दिया। आगे कार में बैठे बदमाशों ने पिस्तौल निकाल ली थी मगर कार में बैठे मुस्तकीम और मेहँदी हसन को काबू में कर लिया गया।
इन बदमाशों को पकड़कर AATS की टीम ने क्राइम के बड़े सिंडिकेट को क्रेक कर डाला है। पूछताछ में इन बदमाशों ने लूट की वारदात में शामिल ड्राइवर सहित सुलतान और सावेज का नाम भी बता दिया। जो अभी फिलहाल पुलिस की पकड़ से परे हैं। इन्होने बताया यह सभी उत्तर प्रदेश के मुज्जफर नगर जिले के रहने वाले है और मुज्जफरनगर के गैंगस्टर और सट्टा किंग सलमान त्यागी और सद्दाम गौरी के लिए काम करते हैं। फ़िलहाल दोनों गैंगस्टर जेल में हैं और यह सभी बाहर रहकर उनके लिए काम करते थे। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद जिस तरह से अपराधियों के साथ सख्ती की जा रही है, योगी की पुलिस और बुलडोजर के खौफ से दिल्ली में पनाह लेकर यहीं अपराधों को अंजाम देना शुरू किया।
इन बदमाशों ने अप्रेल में हरिनगर इलाके में एक फ़ॉर्चूयनर को लूटने के लिए सरेआम गोली चलाई थी। अप्रेल के महीने में उत्तम नगर से बाइक चोरी करके दो वारदात को अंजाम दिया गया। पहली वारदात लक्ष्मी नगर में लूट की करने पहुंचे मगर दुकानदार के शोर मचाने पर यह विफल रहे मगर गोली चला कर फरार हो गए। मगर राजेंदर नगर में ज्वैलरी लूट कर ले गए थे। लक्ष्मी नगर की वीडियो वायरल होने के बाद यह गैंग एक महीना शांत बैठा रहा। इसके बाद 22 मई को वजीराबाद से गन पॉइंट पर हुंडई कार छीनी और 23 मई को पश्चिम विहार और हरि नगर में लूट की वारदात को अंजाम देकर कार को गुड़गांव छोड़ दिया।
24 मई को ईस्ट पश्चिम विहार से एक मुस्तकीम और सुल्तान ने एक स्कूटी छीनी और इसी स्कूटी से 2 जून की रात गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन से शैवरलेट कार छीन ली थी। इसकी कार में बैठ कर हथियारों के बल पर पहले 8 जून को मोती नगर में चैन छीनने की वारदात को अंजाम दिया इसके बाद यह पांचों बदमाश राजेन्दर नगर पहुंचे। इनके एक साथी ने पहले नितिन धवन की दुकान में जाकर रैकी की इसके बाद जब नितिन धवन अपने दोस्तों के साथ दुकान के बाहर खड़े थे तभी अचानक यह बदमाश हथियारों से लेस होकर आये और लूट करके शेवरलेट कार में फरार हो गए। इनकी लूट की वारदात वहाँ लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई।
AATS ने बड़े ही प्रोफेशन अंदाज में इस गैंग को क्रेक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है वह काबिले तारीफ है। यदि वक्त रहते यह बदमाश गिरफ्तार नहीं होते तो न जाने कितने लोगों को अपना निशाना बनाते
इस गैंग के तीन सदस्यों की तलाश में AATS की टीम जुटी हुई है।